संबित पात्रा का राहुल गांधी पर पलटवार, बोले- सदन में नहीं रोका गया, आरोपों से ध्यान भटकाने की कोशिश

HIGHLIGHTS
- संबित पात्रा ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें संसद में बोलने का पूरा मौका दिया गया था।
- भाजपा सांसद ने छात्रों पर कार्रवाई और अमित शाह को लेकर लगाए गए आरोपों को बिना सबूत बताया।
- पात्रा ने कहा कि सरकार ने परीक्षा व्यवस्था सुधारने और पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
राहुल गांधी की प्रेस वार्ता के बाद भाजपा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके आरोपों पर जवाब दिया। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि सुबह से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, जबकि यह चर्चा संसद के अंदर होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के व्यवहार के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया और इसलिए देर रात मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ रही है। पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस वार्ता में फिर तथ्यों से ध्यान हटाने की कोशिश की और ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया कि उन्हें सदन में बोलने का अवसर नहीं दिया गया।
संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी का यह आरोप पूरी तरह गलत है कि उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब सदन में 45 सांसदों को बोलने का अवसर मिला और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपनी बात रखी, तो राहुल गांधी को क्यों रोका जाता। उनके अनुसार, राहुल गांधी को पूरा समय दिया गया था, लेकिन वह सदन के नियमों के अनुसार अपनी बात नहीं रख पाए।
पात्रा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने केवल ‘इडियट’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि संसद के नियमों में ऐसे शब्दों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद खड़े होकर सदन के सदस्यों से राहुल गांधी को ध्यान से सुनने की अपील की थी और यह लोकतांत्रिक परंपरा का उदाहरण है।
राहुल गांधी के माफी वाले बयान पर भाजपा का जवाब
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह भाजपा और आरएसएस से कभी माफी नहीं मांगेंगे। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी का यह दावा सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल ही में राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान से जुड़े मामले में अदालत में लिखित रूप से माफी मांगी थी। इसके अलावा ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी के मामले में भी उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर माफी मांगी थी।
पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी कैमरे के सामने माफी मांगने से इनकार करते हैं, लेकिन अदालत में शपथपत्र के जरिए माफी मांगते रहे हैं।
छात्रों पर गोली चलाने के आरोप पर भाजपा का पलटवार
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने सदन में दावा किया था कि छात्रों पर गोली चलाई गई और इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं। पात्रा ने कहा कि सरकार और भाजपा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ऐसी कोई फायरिंग नहीं हुई।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि गोली चली थी तो उसका कोई कारतूस, बैलिस्टिक रिपोर्ट या अन्य ठोस सबूत क्यों सामने नहीं आया। पात्रा ने आरोप लगाया कि जब यह दावा साबित नहीं हुआ तो राहुल गांधी ने अपने बयान का रुख बदल दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति में मौके पर मौजूद सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट यह तय करते हैं कि कितने बल का इस्तेमाल किया जाना है। केवल इस आधार पर कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है, यह कहना सही नहीं है कि हर कार्रवाई का आदेश गृह मंत्री सीधे देते हैं।
अमित शाह पर लगाए आरोपों को भाजपा ने नकारा
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अधिकारियों से फोन पर बात करते देखा था। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी प्रमाण के ऐसे आरोप लगाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले भी राफेल मामले में राहुल गांधी ने तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को लेकर इसी तरह के दावे किए थे, जो बाद में सही साबित नहीं हुए। पात्रा ने आरोप लगाया कि बिना सबूत गंभीर आरोप लगाना राहुल गांधी की पुरानी राजनीतिक शैली रही है।
छात्र आंदोलन का श्रेय लेने का आरोप
भाजपा सांसद ने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान सरकार और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत से समाधान निकाला गया, लेकिन राहुल गांधी अब इसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे का श्रेय लेना चाहता है।
पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञों की टास्क फोर्स गठित की, जिसमें शिक्षा, तकनीक, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अनुभवी लोगों को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून भी बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि केवल राजनीति करने से व्यवस्था में सुधार नहीं आएगा, बल्कि ठोस काम करने से बदलाव संभव होगा। अंत में उन्होंने भाजपा की ओर से राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग दोहराई।
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