लखनऊ में शंकराचार्य ने गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का किया शंखनाद

लखनऊ। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लखनऊ में गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शंखनाद किया। यह कार्यक्रम आशियाना के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संत, धर्माचार्य और समर्थक मौजूद रहे।
धर्माचार्य और गो रक्षक पहुंचे लखनऊ
गो रक्षा आंदोलन को लेकर अलग-अलग जिलों से धर्माचार्य और गो रक्षक मंगलवार को ही लखनऊ में इकट्ठा होने लगे। शंकराचार्य इन दिनों गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग को लेकर चर्चा में हैं।
जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरती और अनुमति देने से पहले कई शर्तें रखीं। राष्ट्रीय संत सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतगुरु आचार्य देव मुरारी बापू ने बताया कि कार्यक्रम को रुकवाने की कोशिशें की गईं, लेकिन वे सफल नहीं हुईं।
गौ प्रतिष्ठा आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी
फैजुल्लागंज क्षेत्र में बुधवार को दर्जनों सनातनी महिलाएं गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के समर्थन में इकट्ठा हुईं। उन्होंने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग करते हुए आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान किया।
सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी ने कहा कि सनातन संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान है, लेकिन आधुनिक समय में लोग इससे दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ और परंपराओं में शुद्धता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने लोगों से गौ संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की और बताया कि गौ, गंगा और गायत्री भारतीय संस्कृति के मूल आधार हैं।
गौ संरक्षण का संदेश और जागरूकता
अखिलेश अवस्थी ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में प्रत्येक गांव में गोचर भूमि दर्ज है, लेकिन अधिकांश भूमि अब अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुकी है, जिससे गौवंश सड़कों और बाजारों में भटकने को मजबूर है।
दलजीत कौर ने भी सभी सनातनियों से आग्रह किया कि वह गौ रक्षा के लिए आगे आएं और जहां भी संभव हो, गौ प्रतिष्ठा आंदोलन का समर्थन करें। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गौ माता के समर्थन में जयकारे लगाए और आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
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