अहमदाबाद के 10 निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल से मचा हड़कंप

HIGHLIGHTS
- धमकी भरे ईमेल में बुधवार सुबह बम धमाके किए जाने का दावा किया गया था।
- ईमेल भेजने वाले ने खुद को ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ से जुड़ा बताया।
- जांच में अब तक इस संगठन से धमकी का कोई संबंध सामने नहीं आया है।
गुजरात के अहमदाबाद में बुधवार को करीब 10 निजी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीमें स्कूलों में पहुंचीं और तलाशी अभियान शुरू किया। हालांकि, जांच के दौरान किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने धमकी को फर्जी बताया है।
पुलिस के अनुसार, धमकी भरे ईमेल में बुधवार सुबह स्कूलों में बम धमाके किए जाने का दावा किया गया था। ईमेल भेजने वाले ने खुद को ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ से जुड़ा बताया था। हालांकि, अभी तक की जांच में इस संगठन के साथ धमकी का कोई संबंध सामने नहीं आया है।
पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने की जांच
धमकी मिलने के बाद पुलिस के अलावा बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और एंटी-सैबोटाज टीमों को स्कूलों में भेजा गया। सभी टीमों ने स्कूल परिसरों की गहन तलाशी ली, लेकिन कहीं से भी बम या कोई अन्य संदिग्ध सामान नहीं मिला।
डीसीपी जोन-7 शिव वर्मा ने बताया कि करीब 10 स्कूलों को ईमेल भेजकर बुधवार सुबह बम धमाके किए जाने की बात कही गई थी। इसके बाद पुलिस टीमों ने सभी संबंधित स्कूलों की अच्छी तरह जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
दिल्ली और अहमदाबाद के स्टेडियम को भी धमकी
धमकी भरे ईमेल में दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 1 नवंबर और अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 21 नवंबर को बम धमाके करने की बात भी कही गई। इन दोनों तारीखों पर गायक दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट होने हैं।
ईमेल में लोगों को इन कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने की चेतावनी भी दी गई थी।
अधिकारियों के मुताबिक, अहमदाबाद में इससे पहले भी कई स्कूलों, अदालतों और अन्य संस्थानों को इस तरह की फर्जी बम धमकियां मिल चुकी हैं। फिलहाल पुलिस ईमेल के स्रोत और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान का पता लगाने में जुटी है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.