इंडोनेशिया में कुछ घंटों में तीन भूकंप, 7.7 तीव्रता के झटके में 38 लोगों की मौत

HIGHLIGHTS
- सुबह आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में 38 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
- दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 11 लोगों को मामूली चोटें आईं।
- करीब 2,000 लोगों ने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली।
इंडोनेशिया में शनिवार को कुछ ही घंटों के भीतर तीन भूकंप आने से चिंता बढ़ गई है। रात में गल्फ ऑफ टॉमिनी में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। इससे पहले इसी दिन 6.5 तीव्रता का भूकंप और सुबह 7.7 तीव्रता का बेहद शक्तिशाली भूकंप आया था। सुबह आए भूकंप में कम से कम 38 लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। लगातार आ रहे भूकंप के झटकों से राहत और बचाव अभियान भी प्रभावित हो रहा है।
| क्रम | भूकंप की तीव्रता | स्थान | भारतीय समय | तारीख |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 7.7 | फ्लोरेस, पूर्वी इंडोनेशिया | सुबह 10:28 बजे | 15 अगस्त 2026 |
| 2 | 6.5 | इंडोनेशिया | शाम 4:24 बजे | 15 अगस्त 2026 |
| 3 | 6.0 | गल्फ ऑफ टॉमिनी | रात 9:55 बजे | 15 अगस्त 2026 |
गल्फ ऑफ टॉमिनी में 6.0 तीव्रता का भूकंप
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, शनिवार रात गल्फ ऑफ टॉमिनी में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप भारतीय समयानुसार रात 9 बजकर 55 मिनट पर आया। इसकी गहराई जमीन के अंदर 68 किलोमीटर थी और इसका केंद्र गल्फ ऑफ टॉमिनी में दर्ज किया गया। यह झटका ऐसे समय आया जब इंडोनेशिया पहले ही दिन में आए दो बड़े भूकंपों के असर से जूझ रहा था।
पिछले बड़े भूकंप के केंद्र से कितनी दूर था गल्फ ऑफ टॉमिनी?
सुबह आया 7.7 तीव्रता का भूकंप इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में आया था। इसका केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एंडे शहर से करीब 68 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में था।
वहीं, रात का 6.0 तीव्रता वाला भूकंप गल्फ ऑफ टॉमिनी में 0.174 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 120.312 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। उपलब्ध जानकारी में दोनों भूकंपों के केंद्रों के बीच सीधी दूरी नहीं बताई गई है। इसलिए दिए गए आंकड़ों के आधार पर उनकी सटीक दूरी तय करना संभव नहीं है।
7.7 तीव्रता के भूकंप में 38 लोगों की मौत
सरकारी आपदा एजेंसी के प्रमुख सुहारयांतो के अनुसार, सुबह आए भूकंप में 38 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 11 लोगों को मामूली चोटें आईं। करीब 2,000 लोग अपने स्तर पर घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
भूकंप के बाद कई जगहों पर भूस्खलन भी हुआ, जिससे बचाव दल के सामने मुश्किलें बढ़ गईं।
इमारतों और संचार व्यवस्था को भी नुकसान
पूर्वी नुसा तेंगारा पुलिस प्रमुख रुडी दारमोकों के अनुसार, भूकंप से कई इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा और कुछ इमारतें ढह गईं। कई शहरों और गांवों में बिजली चली गई।
बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण राहत और बचाव अभियान में परेशानी आई। मौमेरे खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख फतुर रहमान ने बताया कि बचावकर्मी भूस्खलन के बाद मिट्टी में दबे दो ग्रामीणों की तलाश कर रहे थे।
करीब 2,000 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे
भूकंप के बाद नेगेकेओ रीजेंसी के करीब 2,000 ग्रामीण अपने घर छोड़कर अस्थायी आश्रय स्थलों में चले गए। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत अभियान शुरू किया।
लगातार झटकों के बीच लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। पहले 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी। इसके बाद आए झटकों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
इंडोनेशिया से तिमोर लेस्ते तक कांपी धरती
नेशनल सिस्मोलॉजी सेंटर के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कई स्थानों पर भूकंप के झटके दर्ज किए गए।
- तिमोर लेस्ते में 15 अगस्त के तड़के 3:28 बजे 7.4 तीव्रता का भूकंप आया।
- महज 15 मिनट बाद इससे 113 किलोमीटर दूर 6.3 तीव्रता का एक और झटका आया।
- इसके 15 मिनट बाद 6.0 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया।
- मलयेशिया से 286 किलोमीटर दूर शाम 4:24 बजे 6.5 तीव्रता का भूकंप आया।
- इंडोनेशिया के गल्फ ऑफ टॉमिनी में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया।
राहत और बचाव के लिए हेलीकॉप्टर तैनात
इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने राहत और आपात कार्यों के लिए एक हेलीकॉप्टर तैनात किया है। इसका इस्तेमाल जरूरी सामान पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित निकालने में किया जा रहा है।
हेलीकॉप्टर की मदद इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पूर्वी नुसा तेंगारा में कई द्वीप हैं और प्रभावित इलाकों तक सड़क या सामान्य परिवहन से पहुंचना मुश्किल हो सकता है। बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण हवाई मदद राहत अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
राहत अभियान के सामने बड़ी चुनौती
भूकंप प्रभावित इलाकों में कई द्वीप होने के कारण राहत दलों के लिए पहुंच बनाना आसान नहीं है। कई जगह बिजली और संचार व्यवस्था बंद होने से स्थिति की जानकारी जुटाना भी मुश्किल हो रहा है।
भूस्खलन के कारण दो ग्रामीणों की तलाश जारी है और कई इमारतों के ढहने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में प्रशासन के सामने एक साथ घायलों की मदद करने, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और लापता लोगों की तलाश करने की चुनौती है।
लगातार आ रहे झटकों के बीच आने वाले समय में नुकसान का सही आकलन सामने आना बाकी है।
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