मेरठ के प्रमुख बाजारों में व्यापारियों ने लगाए काले झंडे, तीन दिन में 17 हजार का दावा

HIGHLIGHTS
- केसरगंज, सदर बाजार और ट्रांसपोर्ट नगर के व्यापारी इसमें शामिल हुए।
- कंकरखेड़ा और गढ़ रोड क्षेत्र में भी दुकानों पर काले झंडे लगाए गए।
- संयुक्त व्यापार संघ के अनुसार तीन दिनों में करीब 17 हजार काले झंडे लगाए गए।
मेरठ। व्यापारियों की आजीविका, रोजगार और कारोबार के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर शुक्रवार को मेरठ के प्रमुख बाजारों में काले झंडे लगाए गए। संयुक्त व्यापार संघ के आह्वान पर केसरगंज, सदर बाजार, मेहताब सिनेमा क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट नगर, कंकरखेड़ा और गढ़ रोड सहित कई बाजारों में दुकानों और प्रतिष्ठानों पर काले झंडे लगाए गए। संगठन के अनुसार, तीन दिनों में करीब 17 हजार काले झंडे लगाए जा चुके हैं।
प्रमुख बाजारों में दुकानों पर दिखे काले झंडे
शुक्रवार को शहर के कई प्रमुख बाजारों में व्यापारियों ने दुकानों और प्रतिष्ठानों पर काले झंडे लगाकर शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। संयुक्त व्यापार संघ के मुताबिक, केसरगंज, सदर बाजार, मेहताब सिनेमा, ट्रांसपोर्ट नगर, कंकरखेड़ा और गढ़ रोड समेत कई क्षेत्रों के व्यापारी इस अभियान में शामिल हुए।
केंद्र सरकार से बातचीत की मांग
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों का विरोध किसी व्यक्ति, सरकार या न्यायालय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यापारी न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए अपनी समस्याओं और आजीविका से संबंधित चिंताओं को केंद्र सरकार के सामने रखना चाहते हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की।
प्रभावित व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
महामंत्री संजय जैन ने कहा कि व्यापारियों के बीच कारोबार और भविष्य को लेकर चिंता है। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यापारिक व्यवस्था, आजीविका की सुरक्षा और पुनर्वास जैसे विषयों पर ठोस पहल किए जाने की मांग की।
व्यापारियों ने कहा- टकराव नहीं, समाधान चाहिए
संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री संजीव जिंदल, विकास गिरधर और अमित बंसल ने कहा कि अभियान किसी के खिलाफ संघर्ष के लिए नहीं है। उनके मुताबिक, व्यापारियों की आजीविका, रोजगार और भविष्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने प्रभावित व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल को सरकार के साथ वार्ता का अवसर दिए जाने की मांग की।
वर्षों की मेहनत से खड़ा होता है कारोबार
केसरगंज व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने कहा कि व्यापारी कई वर्षों की मेहनत से अपना कारोबार खड़ा करते हैं और यही उनके पूरे परिवार की आजीविका का आधार होता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी टकराव नहीं चाहते, लेकिन उनकी समस्याओं की अनदेखी भी नहीं होनी चाहिए।
संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता ने कहा कि काले झंडों के माध्यम से व्यापारियों ने अपनी सामूहिक चिंता को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखा है। संगठन चाहता है कि व्यापारियों की समस्याएं केंद्र सरकार के संज्ञान में आएं और इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय संवाद शुरू हो।
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