वाराणसी में पटाखों के धमाके से ढहा दो मंजिला मकान, महिला 90% तक झुलसी

HIGHLIGHTS
- धमाके की चपेट में आसपास के करीब 10 मकान भी आए।
- मामले में लापरवाही के आरोप के बीच दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।
- देर रात पुलिस से मुठभेड़ में आरोपी राजू खान के पैर में गोली लगी।
वाराणसी। गुरुवार शाम पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट में करीब 30 साल पुराना दो मंजिला मकान ढह गया। हादसे में एक महिला 85 से 90 प्रतिशत तक झुलस गई, जबकि उसके 12 वर्षीय बेटे के सिर और कलाई में चोटें आईं। दोनों को कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया है। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, 10 वर्षीय बेटी को मामूली चोटें आई हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) आनंद सिंह राजपूत के मुताबिक, मकान के मलबे से बड़ी संख्या में अनार और शादी-विवाह में चलाए जाने वाले बम के पटाखे बरामद हुए हैं। इससे मकान में अवैध रूप से पटाखे बनाने की बात सामने आई है।
अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा ने बताया कि इस मामले में पुराना पुल चौकी प्रभारी अनुज शुक्ला और बीट प्रभारी कांस्टेबल प्रकाश चंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, एटीएस के सीओ विपिन राय ने कहा कि पटाखे बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बारूद कहां से लाया गया था, इसकी जांच की जा रही है।
मुठभेड़ में पटाखे बनाने का आरोपी घायल
देर रात सरायमोहना के पास पटाखे बनाने के आरोपी राजू खान की सारनाथ पुलिस से मुठभेड़ हो गई। आरोप है कि राजू ने पुलिस टीम पर पीछे से गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में उसके दाएं पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
राजू खान का सारनाथ के पैगंबरपुर में करीब 30 साल पुराना मकान है। गुरुवार शाम लगभग 4:50 बजे मकान से एक-दो पटाखों की आवाज सुनाई दी। कुछ सेकंड बाद लगातार तीन जोरदार धमाके हुए, जिनसे दो मंजिला मकान ढह गया। घटना के समय घर में राजू की पत्नी चांदनी बेगम, बेटा आदिल और बेटी अरीबा मौजूद थे।
विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के करीब 10 मकानों को भी नुकसान पहुंचा। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के घरों में रहने वाले लोग घबराकर बाहर निकल आए। सूचना मिलने पर सारनाथ पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए एटीएस को भी बुलाया गया।
डीसीपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि मुठभेड़ के बाद घायल राजू खान के पास से एक तमंचा, कारतूस के दो खोखे और 170 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस टीम एयरशो की तैयारियों का जायजा लेने सारनाथ एसओ पंकज त्रिपाठी के साथ गई थी। देर रात सरायमोहना से आगे पुलिस टीम मौजूद थी, तभी झाड़ियों में छिपा राजू अचानक बाहर आया और गोली चला दी। राजू की ओर से चलाई गई गोली दारोगा अमरजीत की बुलेटप्रूफ जैकेट को छूते हुए निकल गई।
पटाखे बनाते वक्त विस्फोट में पिता की हुई थी मौत
राजू पहले सरैया में रहता था। वर्ष 1991 में पटाखे बनाने के दौरान हुए विस्फोट में उसके पिता मतीउल्ला की मौत हो गई थी। उस घटना में राजू भी झुलस गया था।
करीब 30 साल पहले उसका परिवार पैगंबरपुर में मकान बनवाकर रहने लगा था। पड़ोसी रामपोश ने बताया कि कोरोना काल के दौरान पुलिस ने राजू को पटाखों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब छह महीने पहले ही वह जेल से छूटकर आया था।
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