कृपया प्रतीक्षा करें…
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राजस्थान में भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट के बीच पानी को लेकर सियासी माहौल भी गरमा गया है। एक तरफ राज्य सरकार ने जल संरक्षण को जन अभियान का रूप देते हुए टोंक के बीसलपुर बांध से ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ की शुरुआत की, तो दूसरी तरफ राजधानी जयपुर में कांग्रेस ने पानी की किल्लत, दूषित आपूर्ति और टैंकर माफिया के आरोपों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। गंगा दशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बीसलपुर बांध पहुंचे, जहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जल पूजन कर प्रदेश में अच्छी वर्षा और जल…

बालोतरा। पश्चिमी राजस्थान का बालोतरा जिला अब सिर्फ रिफाइनरी परियोजना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी जरूरतों के लिए भी अहम केंद्र बनकर उभर रहा है। सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में दुर्लभ और रणनीतिक खनिजों के बड़े भंडार मिलने से भारत को एयरोस्पेस, परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय खान मंत्रालय की टेक्निकल-कम-कॉस्ट कमेटी की हालिया बैठक में सिवाना क्षेत्र में मिले रेयर अर्थ एलिमेंट्स और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को राष्ट्रीय दृष्ट…

जयपुर में घरेलू हिंसा और लगातार चल रहे पारिवारिक तनाव ने एक महिला की जान ले ली, जिससे उसके दो छोटे बच्चे मां के साये से वंचित हो गए। 2015 में सार्वजनिक निर्माण विभाग में कार्यरत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गौतम मीणा से विवाह के बाद से ही अनु मीणा के जीवन में मुश्किलें बढ़ने के आरोप सामने आ रहे हैं। परिवार और बच्चों के बयानों के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से ही घरेलू विवाद और हिंसा का सिलसिला शुरू हो गया था। परिजनों का कहना है कि अनु लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थीं। आरोप है कि उन…

राजस्थान के सीमावर्ती जैसलमेर जिले के छतागढ़ गांव में भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली संकट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले सात दिनों से गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे करीब 300 परिवारों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार मुख्य बिजली केबल खराब होने के कारण पूरे गांव में अंधेरा पसरा हुआ है और गर्मी में हालात बेहद खराब हो गए हैं। दिन में तेज धूप और रात में उमस भरी गर्मी के बीच लोगों को बिना बिजली के जीवन गुजारना पड़ रहा है। ग्रामीणों की बढ़ती मुश्किलें लगा…

कोटा जिले में प्रसूता महिलाओं की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रविवार को एक और गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान शिवपुर निवासी शिरीन के रूप में हुई है, जो करीब छह माह की गर्भवती थी। किडनी फेलियर और संक्रमण के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई थी। इस ताजा मौत के बाद अस्पताल में प्रसूता मौतों का आंकड़ा बढ़कर पांच हो गया है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, शिरीन को 5 मई को तबीयत खराब होने…