भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में श्रीलंका ए के खिलाफ विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। भारत ए की ओर से पारी की शुरुआत करने आए वैभव ने प्रियांश आर्य के साथ मिलकर टीम को तेजतर्रार शुरुआत दिलाई और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक में जगह बना ली।

भारत को मिली धमाकेदार शुरुआत

श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन भारत ए के सलामी बल्लेबाजों ने इसे गलत साबित कर दिया। वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने शुरुआत से ही ताबड़तोड़ अंदाज अपनाया और गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों को इस दौरान कुछ जीवनदान भी मिले, जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया।

भारत ए ने महज तीन ओवर में ही 50 रन का आंकड़ा पार कर लिया। इसी बीच वैभव ने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का पिछला रिकॉर्ड वर्षों से सुरक्षित था, जिसे वैभव ने 11 गेंदों की पारी से तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड अलग-अलग खिलाड़ियों के नाम 12, 13 और 14 गेंदों में दर्ज था।

बड़ी पारी खेलकर चूके शतक से

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी पारी जारी रखी और 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए। इस दौरान उन्होंने 10 चौके और 8 छक्के लगाए। हालांकि वह शतक के करीब पहुंचकर साहन अराच्चिगे की गेंद पर आउट हो गए।

उन्होंने प्रियांश आर्य के साथ पहले विकेट के लिए 53 गेंदों में 132 रनों की मजबूत साझेदारी भी की, जिसने भारत ए की पारी की नींव रखी।

अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर नजर

हाल ही में वैभव को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय सीनियर टीम में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि इस प्रदर्शन के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय डेब्यू लगभग तय माना जा रहा है। यदि उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो वह भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों में शामिल हो सकते हैं।

लगातार फॉर्म में उतार-चढ़ाव के बाद वापसी

आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव को श्रीलंका दौरे पर शुरुआत में कुछ संघर्ष करना पड़ा था, लेकिन फाइनल में उन्होंने जोरदार वापसी की। उनकी इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के लिए तैयार हैं।