आरा। भोजपुर एसपी प्रमोद कुमार यादव ने अवैध बालू के खेल में लापरवाही और कांड के पर्दाफाश में शिथिलता बरते जाने समेत अन्य कारणों से चार थानाध्यक्षों को तत्काल प्रभार से लाइन क्लोज कर दिया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई से पूर्व तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया है।

इसके अलावा, लाइन क्लोज किए गए अफसरों की जगह पर नए थानेदार की भी तैनाती कर दी गई है। इसमें तीन इंस्पेक्टर रैंक एवं एक दारोगा रैंक के अफसर को जगह मिली है।

जिन अफसरों को लाइन क्लोज किया गया है, उसमें सिकरहटा थानाध्यक्ष रौशन कुमार, इमादपुर थानाध्यक्ष सुशांत कुमार, अजीमाबाद थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार एवं चांदी थानाध्यक्ष अनिल कुमार का नाम शामिल है।

इन थानाध्ययक्षों पर गिरी गाज

एसपी ने सदर सर्किल इंस्पेक्टर राकेश कुमार रौशन को चांदी थाना, यातायात थानाध्यक्ष नसीम खां को अजीमाबाद थाना, पुलिस केन्द्र में पदस्थापन की प्रतीक्षा में बैठे इंस्पेक्टर सुनीत कुमार सिंह को इमादपुर थाना और जगदीशपुर सर्किल इंस्पेक्टर राजीव रंजन को सिकरहटा थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है।

इसमें इंस्पेक्टर राकेश कुमार रौशन चुनाव के समय कैमूर जिले से बदलकर भोजपुर आए थे। जिले में बतौर थानाध्यक्ष पहली पदस्थापना है। इसी तरह इंस्पेक्टर सुनीत कुमार सिंह पहले कैमूर व बक्सर जिले में कार्यरत थे। चुनाव के समय स्थानांतरित होकर भोजपुर जिले में आने के बाद पुलिस केन्द्र में थे।

इंस्पेक्टर राजीव रंजन पूर्व में रोहतास जिले में थे। चुनाव के समय यहां आने के बाद उन्हें जगदीशपुर सर्किल की जिम्मेवारी मिली थी। शाहाबाद डीआइजी नवीन चन्द्र झा के अनुमोदन के बाद नया पदस्थापन किया गया है।

चांदी थानाध्यक्ष से हटाए गए दारोगा अनिल कुमार 2019 बैच के दारोगा थे। संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर हटाए गए है।

डीएसपी के प्रतिवेदन पर गिरी गाज

सिकरहटा थानाध्यक्ष से हटाए गए दारोगा रौशन कुमार पर अपराध पर नियंत्रण नहीं करने एवं सीएसपी संचालक से नकदी लूटे जाने के प्रयास में गोली मारे जाने की घटना का उद्भेदन करने में शिथिलता बरते जाने पर कार्रवाई की गाज गिरी है।

इसी तरह,  इमादपुर थानाध्यक्ष से हटाए गए दारोगा सुशांत कुमार पर अवैध बालू भंडारण रोकने में लापरवाही एवं फायरिंग के मामले मेें प्राथमिकी नहीं किए जाने पर गाज गिरी है।

इसके अलावा, अजीमाबाद थानाध्यक्ष से हटाए गए दारोगा ब्रजेश कुमार पर बालू परिवहन कर रहे वाहनों को पीछा कर दूसरे थाना की सीमा में जाने और पुलिस पर पथराव होने से विभाग की छवि धूमिल होने पर गाज गिरी है। एसपी ने पीरो डीएसपी को प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश दिया था।

इधर, पीरो डीएसपी राहुल सिंह के जांच रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई हुई है। आने वाले दिनों में कुछ और थानेदारों पर विभागीय कार्रवाई की गाज गिरने की संभावना जतायी जा रही है।