बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। यहां 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिनमें से 49 पर कुल 1.41 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। यह कदम क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में अहम माना जा रहा है।

इससे पहले सुकमा जिले में भी सुरक्षा बलों को नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत उल्लेखनीय सफलता मिली थी, जहां लगातार बढ़ते दबाव के चलते 29 पुरुष नक्सलियों ने सरेंडर कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया था

सुरक्षा बलों की रणनीति से बढ़ा दबाव

बीते कुछ समय से इलाके में सुरक्षा बलों की सक्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सर्च ऑपरेशन, एरिया डॉमिनेशन और लगातार निगरानी के चलते नक्सलियों की गतिविधियां सीमित हो गई थीं। इसी दबाव के कारण कई माओवादी संगठनों से जुड़े लोग हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने को मजबूर हुए।

अधिकारियों का कहना है कि यह घटनाक्रम दर्शाता है कि सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति और सरकार की नीतियां अब जमीन पर असर दिखा रही हैं।

पुनर्वास नीति बनी सरेंडर की वजह

सरकार की पुनर्वास नीति ने भी आत्मसमर्पण करने वालों को प्रेरित किया। इस नीति के तहत सरेंडर करने वाले नक्सलियों को समाज में दोबारा बसने, रोजगार और सम्मानजनक जीवन के अवसर दिए जाते हैं। बेहतर भविष्य की इसी उम्मीद ने कई नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित किया।