नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण पर सख्ती बढ़ाते हुए गुरुवार से बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) प्रमाणपत्र वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। यह व्यवस्था पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले सभी प्रकार के वाहनों पर समान रूप से लागू होगी।
इसके साथ ही दिल्ली के बाहर पंजीकृत नॉन-बीएस-6 श्रेणी के वाहनों के शहर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर 126 चेकपॉइंट बनाए गए हैं, जहां 580 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 37 पेट्रोलिंग वाहन भी लगातार निगरानी करेंगे। परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें पेट्रोल पंपों और बॉर्डर पॉइंट्स पर सक्रिय रहेंगी।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन और वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को पेट्रोल पंपों पर लगे एएनपीआर कैमरों, वॉयस अलर्ट सिस्टम और पुलिस समन्वय के जरिए प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की भी बराबर भागीदारी जरूरी है। बिना पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन देना प्रतिबंधित रहेगा।
ट्रैफिक सुधार के लिए तकनीकी पहल
दिल्ली सरकार ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गूगल मैप्स के साथ सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। इस दिशा में ट्रैफिक सिग्नल डेटा, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की पहचान और कम से कम 100 नए ट्रैफिक हॉटस्पॉट चिन्हित करने पर चर्चा हुई है।
धूल और सड़कों से होने वाले प्रदूषण पर भी नजर
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़क गड्ढों की निगरानी के लिए एक स्थायी प्रणाली लागू की है। इसके तहत थर्ड पार्टी एजेंसी सर्वे कर 72 घंटे के भीतर मरम्मत सुनिश्चित करेगी। एक स्वतंत्र एजेंसी पूरे वर्ष गड्ढों और प्रदूषण नियंत्रण उपायों के क्रियान्वयन का ऑडिट भी करेगी।