राष्ट्रीय राजधानी एक बार फिर प्रदूषित हवा की चपेट में है। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 222 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं, आईटीओ में स्थिति और बिगड़ी हुई दिखाई दी, जहां AQI 269 तक पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी आंकड़ों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
सर्दियों के आते ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर हर साल गंभीर रूप ले लेता है। वाहनों का धुआं, निर्माण स्थलों पर उड़ती धूल और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं हवा को तेजी से दूषित करती हैं। इस वर्ष भी हालात अलग नहीं हैं। इंडिया गेट, कर्तव्य पथ और आसपास के सरकारी-पर्यटक क्षेत्रों में छाई धुंध प्रदूषण की गंभीरता को उजागर करती है।
#WATCH | Delhi | Visuals from the Anand Vihar area as a layer of toxic smog blankets the city. AQI (Air Quality Index) around the area is 281, as claimed by CPCB (Central Pollution Control Board), categorised as 'Poor'. pic.twitter.com/mC0hwqJJVU
— ANI (@ANI) November 30, 2025
तेज हवा से थोड़ा सुधार, पर स्थिति अब भी चिंताजनक
#WATCH | Delhi | Visuals from the Anand Vihar area as a layer of toxic smog blankets the city. AQI (Air Quality Index) around the area is 281, as claimed by CPCB (Central Pollution Control Board), categorised as 'Poor'. pic.twitter.com/mC0hwqJJVU
— ANI (@ANI) November 30, 2025शनिवार सुबह तेज हवा ने कुछ राहत दी और प्रदूषण स्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई। धुंध और हल्के कोहरे के बीच AQI 305 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। शुक्रवार की तुलना में 64 अंकों की कमी जरूर आई, लेकिन प्रदूषण का स्तर अब भी खतरनाक है।
एनसीआर में सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा नोएडा
एनसीआर के कई शहरों में भी हवा की गुणवत्ता खराब रही।
नोएडा में AQI 310 दर्ज किया गया, जो सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा।
ग्रेटर नोएडा में AQI 288, गाजियाबाद में 299 और गुरुग्राम में 262 रिकॉर्ड किया गया।
फरीदाबाद की हवा अपेक्षाकृत साफ रही, जहां AQI 212 रहा, हालांकि यह भी ‘खराब’ श्रेणी में ही आता है।
कहां से आ रहा है सबसे ज्यादा प्रदूषण?
दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के अनुसार:
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वाहन प्रदूषण की हिस्सेदारी: 18.78%
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पराली जलाने का योगदान: 1.26%
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निर्माण गतिविधियां: 2.88%
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पेरिफेरल उद्योग: 4.38%
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आवासीय क्षेत्रों का प्रदूषण: 4.83%
शनिवार को हवा उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा से 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली। अधिकतम मिश्रण गहराई 1250 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 6900 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा।
PM10 और PM2.5 का स्तर भी बढ़ा
दोपहर तीन बजे हवा में PM10 का स्तर 257.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर, जबकि PM2.5 का स्तर 140.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया — दोनों ही मानक सीमा से कई गुना अधिक हैं।
CPCB का अनुमान है कि हवा की गुणवत्ता आगामी मंगलवार तक ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है। ऐसे में सांस और आंखों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।