किश्तवाड़। जिले में सुरक्षा बलों ने रविवार को आतंकियों की खोज अभियान को और तेज कर दिया। अधिकारी मान रहे हैं कि जैश-ए-मोहम्मद के तीन संदिग्ध आतंकवादी इलाके में छिपे हुए हैं, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए सेना, राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चला रहे हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रातभर इलाके की घेराबंदी के बाद सुबह सर्च ऑपरेशन फिर से शुरू किया गया। आतंकवादी लगातार अपने ठिकानों को बदल रहे हैं, लेकिन सुरक्षा बल उन्हें पकड़ने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। आसपास के गांवों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है और स्थानीय रक्षा गार्ड (वीडीजी) को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

शनिवार तड़के डोलगाम इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। मिली जानकारी के अनुसार, एक आतंकी घायल हुआ है और ड्रोन निगरानी में खून के निशान देखे गए हैं। पिछले दो हफ्तों में यह चौथी बार है जब इलाके में आतंकियों से सीधा संपर्क हुआ है।

भारी बर्फबारी और दुर्गम पहाड़ी इलाके के बावजूद सुरक्षा बलों ने ड्रोन, हेलीकॉप्टर और स्निफर डॉग्स की मदद से अभियान को जारी रखा है। सिंहपोरा, चिंगम और छात्रू समेत छह किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं ताकि अभियान प्रभावी ढंग से चल सके।

पिछले सात महीनों में किश्तवाड़ जिले में छह मुठभेड़ें हो चुकी हैं। यह क्षेत्र डोडा और उधमपुर जिलों से सटा हुआ है और यहां पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।