राजधानी रांची और आस-पास के इलाकों में सक्रिय बच्चे चोर गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ओरमांझी थाना क्षेत्र से 22 नवंबर 2025 से लापता 12 वर्षीय कन्हैया कुमार को रांची पुलिस ने कोडरमा से सुरक्षित बरामद कर लिया। बच्चे की वापसी से परिवार में राहत की लहर है, लेकिन यह मामला शहर में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है।
मां की दुकान से निकला था बच्चा
पुलिस के अनुसार, कन्हैया कुमार उस दिन अपनी मां की फुचका दुकान से यह कहकर निकला था कि थोड़ी देर में लौट आएगा। लेकिन वापस नहीं आया। परिजनों ने आसपास के इलाकों में खोजबीन की और रिश्तेदारों से पूछताछ की, पर कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया।
गुप्त सूचना से हुआ रेस्क्यू
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कन्हैया को कोडरमा में छिपाया गया है। रांची पुलिस ने कोडरमा पुलिस के सहयोग से तुरंत कार्रवाई की और बच्चे को सुरक्षित घर लाया। यह सफलता पुलिस की सक्रियता और सतर्कता का परिणाम मानी जा रही है। इससे पहले भी रांची पुलिस ने अन्य मामलों में बच्चों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया है।
बच्चा चोर गिरोह पर सख्त कार्रवाई
हाल ही में पुलिस ने बच्चा चोर गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जो बच्चों को बहला-फुसलाकर अन्य राज्यों में बेचने का धंधा चला रहे थे। कन्हैया की बरामदगी इसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है।
एक और लापता छात्र का मामला
इसी बीच हटिया थाना क्षेत्र का 16 वर्षीय अंकित मंडल 18 जनवरी से लापता है। वह डॉन बॉस्को स्कूल, हेसाग का छात्र है। अंकित अपने पिता की स्कूटी लेकर घर से निकला और अंतिम बार अपने मित्र उत्कर्ष खलखो से मिला। परिजनों ने इसकी सूचना एयरपोर्ट थाना और रांची एसएसपी कार्यालय में दी है।
अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे बच्चों पर विशेष नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। समय रहते सतर्क रहने से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।