रांची। झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से 2 जनवरी को लापता हुए पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका को आज सुरक्षित ढंग से बरामद कर लिया गया है। बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर स्थित अहमदनगर (पहाड़ी) इलाके से मुक्त कराया गया, जहां एक दंपति उन्हें छिपाकर रखे हुए थे।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह दंपति बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले हैं और कथित रूप से बच्चा चोरी करने वाले बुलगुलिया गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं।

बच्चों की सकुशल बरामदगी
बच्चों को रांची लाकर उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की लगातार मेहनत और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मदद ने इस सफल अभियान में निर्णायक भूमिका निभाई। पुलिस के अनुसार, आरोपी दंपति बच्चों को बिहार ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे, लेकिन डर के चलते रामगढ़ में छिप गए।

घटना की टाइमलाइन

  • 2 जनवरी 2026: अंश और अंशिका दोपहर करीब 3 बजे धुर्वा के मौसी बाड़ी खटाल इलाके से घर से निकले, बिस्किट लेने के लिए। बच्चे घर वापस नहीं लौटे।

  • 3 जनवरी 2026: परिवार ने धुर्वा थाने में बच्चों की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

  • 4-5 जनवरी 2026: आरोपी दंपति ने रामगढ़ के अहमदनगर इलाके में किराए का कमरा लिया और खुद को पति-पत्नी बता बच्चों को वहां छिपाया।

  • 3-13 जनवरी 2026: रांची पुलिस ने एसएसपी राकेश रंजन की निगरानी में 40 सदस्यों वाली SIT बनाई। 5,000 से अधिक मोबाइल नंबर और 2,000 CCTV फुटेज की जांच की गई। NGO और पोस्टर अभियान की मदद से जानकारी जुटाई गई।

  • 3 जनवरी 2026: सोशल मीडिया पर खबर फैलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की।

  • 14 जनवरी 2026: बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को अहमदनगर से बच्चों की उपस्थिति की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत रामगढ़ पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर बच्चों को सकुशल बरामद किया।

पुलिस की जानकारी
पुलिस ने बताया कि आरोपी बुलगुलिया गिरोह के सदस्य हैं, जो घुमंतू जीवन जीते हैं और बच्चों की चोरी में शामिल रहते हैं। बरामदगी के बाद पुलिस उनकी मंशा और अन्य संलिप्त लोगों की पहचान कर रही है।