भोपाल के जिंसी इलाके के स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी, जिन्हें असलम चमड़ा के नाम से भी जाना जाता है, को भोपाल पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने गोमांस तस्करी के मामले में रिमांड पर लिया है। असलम को गुरुवार को प्रोडक्शन वारंट के तहत हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वह 25 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर रहेंगे। वहीं उनके वाहन चालक शोएब को भी पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ कर रही है।

इससे पहले दोनों के खिलाफ सामान्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था और उन्हें औपचारिक गिरफ्तारी दी गई थी। लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने एसीसी हबीबगंज उमेश तिवारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय SIT का गठन किया, जिसमें दो निरीक्षक भी शामिल हैं। अब इसी SIT के तहत असलम और शोएब से विस्तार से पूछताछ की जा रही है।

रोहिंग्याओं को बसाने के आरोप में पहले दी गई क्लीन चिट

असलम चमड़ा पर पहले रोहिंग्याओं को अपने स्लॉटर हाउस में काम पर लगाने के आरोप लगे थे। वर्ष 2025 में प्रीति सिंह नाम की एक महिला ने इस संबंध में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत की थी। आरोप था कि असलम ने बिना पुलिस वेरिफिकेशन के रोहिंग्याओं को भोपाल में बसाकर काम पर रखा।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर भोपाल पुलिस ने जांच की। डीसीपी जोन-1 आशुतोष गुप्ता ने अगस्त 2025 में मानव अधिकार आयोग को रिपोर्ट भेजी, जिसमें असलम पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए क्लीन चिट दी गई। पुलिस ने जांच में पाया कि शिकायत में जिन स्थानों पर रोहिंग्याओं को बसाने का दावा किया गया था, वहां कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले।

असलम के अपने बयान पर ही मिली क्लीन चिट

रिपोर्ट से यह भी सामने आया कि पुलिस ने असलम कुरैशी से पूछताछ के आधार पर ही उसे क्लीन चिट दी। यानी जिस व्यक्ति पर आरोप लगे थे, उसके बयान के आधार पर ही आरोपों को खारिज किया गया। यह तथ्य मानव अधिकार आयोग को भेजी गई रिपोर्ट में दर्ज है।