मेरठ में कचहरी पुल से बेगमपुल जाने वाले मार्ग पर स्थित मेरठ कॉलेज सेल्फ फाइनेंस कालेज और दयानंद अस्पताल के सामने दो मजारें टूटने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग सुबह मजारों की टूटी स्थिति देख सकते ही एकत्र हो गए और यूपी 112 को सूचना देकर लालकुर्ती पुलिस को बुलाया।
स्थानीय व्यापार मंडल ने जताई नाराजगी
मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जीतू सिंह नागपाल ने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्वों ने मजारों को नुकसान पहुँचाया है और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पुलिस प्रशासन ने कहा कि नगर निगम के नाला निर्माण कार्य के दौरान मजारें टूट गई हैं और इन्हें जल्द ही दोबारा बनाया जाएगा।
मजारों का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
दोनों मजारें लगभग 200 साल पुरानी हैं और आदर्शनगर, सिविल लाइन, जवाहर क्वार्टर, कल्याणी, पीएल शर्मा रोड और आसपास के इलाकों के लोगों की आस्था का प्रतीक मानी जाती हैं। हर बृहस्पतिवार को लोग मजार पर पुताई करते हैं, चादर चढ़ाते हैं और अगरबत्ती-धूपबत्ती जलाते हैं। मेरठ कॉलेज के छात्र भी इन मजारों को विशेष श्रद्धा से मानते हैं।
घटना और प्रशासन की कार्रवाई
बताया गया कि बुधवार देर रात मजारें टूट गईं। सुबह स्थानीय लोगों ने इसे देखा और व्यापारी नेता उमाशंकर खटीक के साथ जिलाध्यक्ष जीतू नागपाल को सूचित किया। लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। सीओ कैंट, नवीना शुक्ला ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान मजारें टूट गई थीं और उन्हें जल्द ठीक कराया जाएगा।
आगे की कार्रवाई
डीएम और एसएसपी को मामले की जानकारी दे दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मजारों की मरम्मत जल्द कराई जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।