ग्वालियर में एक भयावह घटना में पांच साल के बेटे की हत्या करने वाली मां को अपर सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने यह फैसला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर शनिवार को सुनाया। वहीं, बच्चे की मां के प्रेमी को पर्याप्त सबूत न होने के कारण बरी कर दिया गया।
जांच के अनुसार, बच्चे ने अपनी मां को उसके प्रेमी के साथ छत पर देखा था। इस बात के उजागर होने के डर से मां ने अपने बेटे को दो मंजिला छत से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने यह केस केवल 15 दिनों में सुलझा लिया। शुरुआती जांच में यह हादसा सामान्य दुर्घटना प्रतीत हो रहा था।
घटना 28 अप्रैल 2023 को थाटीपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। पड़ोस में रहने वाली ज्योति राठौर अपने प्रेमी उदय इंदौलिया के साथ छत पर थी, तभी उसका बेटा जतिन वहां आ गया। डर के कारण कि बच्चा यह बात अपने पिता को बताएगा, ज्योति ने कथित रूप से उसे छत से नीचे फेंक दिया। बच्चा सड़क पर गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे जयारोग्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 29 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। शुरुआत में परिवार और पुलिस यह मान रहे थे कि बच्चा गिरने के कारण घायल हुआ।
पंद्रह दिन बाद, मां ने अपने पति, कांस्टेबल ध्यान सिंह को पूरी घटना बताई। पति ने उसकी बात का ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की और घर के CCTV फुटेज भी जुटाए। इन साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने थाटीपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ज्योति राठौर और उसके प्रेमी को आरोपी बनाया और मामले की जांच पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया।
सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक विजय शर्मा ने पुलिस की ओर से पैरवी की। अदालत ने मां को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि प्रेमी को साक्ष्यों की कमी के कारण बरी कर दिया गया।