नागपुर। शहर के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में बच्चों के लिए काम करने वाले एक एनजीओ पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एनजीओ के प्रमुख पर कई युवतियों ने यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में शनिवार देर रात मनकापुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद आरोपी रियाज फाजिल काजी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब नासिक की टीसीएस यूनिट और अमरावती जिले के परतवाड़ा में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न मामलों की जांच पहले से चल रही है। इसी बीच खुफिया एजेंसियों और एटीएस ने भी एनजीओ के फंडिंग, गतिविधियों और उसके घोषित सामाजिक उद्देश्यों से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
दो साल से उत्पीड़न के आरोप
जानकारी के अनुसार, 23 वर्षीय महिला शिकायतकर्ता सितंबर 2023 से एनजीओ में एडमिन और एचआर हेड के तौर पर कार्यरत थी। एफआईआर में कहा गया है कि 18 जुलाई 2024 को जन्मदिन समारोह के दौरान आरोपी ने उसे अपने केबिन में बुलाया, जहां कथित तौर पर उसकी इच्छा के खिलाफ उसे गले लगाया और अनुचित व्यवहार किया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि नौकरी खोने के डर से उसने उस समय विरोध नहीं किया। आगे आरोप है कि आरोपी कई बार उसे अकेले में छूने की कोशिश करता था और एक बार सीसीटीवी कैमरे का प्लग हटाकर भी ऐसी घटना को अंजाम देने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उसके साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया गया।
सोशल मीडिया से निगरानी का आरोप
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए कर्मचारियों और वॉलंटियर्स की गतिविधियों पर नजर रखता था। यह अकाउंट कथित तौर पर उसके और शिकायतकर्ता के नाम के हिस्सों को मिलाकर बनाया गया था।
सूत्रों के अनुसार, पीड़िता की बहन, जो बाद में एनजीओ में असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में शामिल हुई, उस पर भी धार्मिक प्रथाओं और विशेष ड्रेस कोड अपनाने का दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं।
अन्य कर्मचारियों पर भी असर
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी के व्यवहार के कारण कई कर्मचारियों ने संस्था छोड़ दी। इनमें एक 24 वर्षीय शिक्षिका भी शामिल है। कुछ पूर्व कर्मचारियों ने धार्मिक दबाव और अनुचित व्यवहार का भी जिक्र किया है।
एक अन्य गंभीर आरोप में 13 अप्रैल को एक पूर्व कर्मचारी की मां को कथित तौर पर अपमानजनक भाषा में कॉल किए जाने की बात भी शामिल है।
पुलिस कार्रवाई और जांच
18 अप्रैल को पीड़ित समूह ने एनजीओ कार्यालय बंद मिलने के बाद पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। मनकापुर पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक हरेश कालसेकर ने बताया कि सभी पीड़ितों के बयान दर्ज किए जाएंगे और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।