करतारपुर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन राणा रंधावा के अपनी ही पार्टी के विधायक प्रगट सिंह के विधानसभा क्षेत्र से शुरू की होर्डिंग वार पूरे शहर में फैल गई है। रंधावा के होर्डिंग का यूथ अकाली दल ने विरोध कर दिया। उन्होंने कैप्टन के चुनावी वायदे वाले होर्डिंग लगा दिए। जिसके बाद अब CM कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाकी समर्थक भी मैदान में आ गए हैं। शहर में अब प्रमुख चौराहों व सार्वजनिक जगहाें पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थन में जगह-जगह होर्डिंग लगा दिए गए हैं। विरोधी पार्टियों को जवाब देने की नीति हो या फिर टिकट की दौड़, पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले 'कैप्टन फॉर 2022' का शोर मचने लगा है।
प्रगट व सिद्धू को कमजोर होते देख बदला रूख
शहर के कांग्रेसी पिछले काफी समय से साइलेंट बैठे थे। वजह थी कि पंजाब कांग्रेस की कलह में हाईकमान के आगे कौन बाजी मारेगा?। कांग्रेस की तीन मेंबरी कमेटी से चर्चा के बाद नवजोत सिद्धू व प्रगट सिंह को कांग्रेसी कमजोर मान रहे हैं। उनका मानना है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ही इसमें मजबूत होकर उभरे हैं। यह भी तय है कि अगले चुनाव में कैप्टन ही पंजाब कांग्रेस को लीड करें, ऐसे में उनका प्रचार करना ही ज्यादा बेहतर है।
टिकट की दौड़ के साथ संगठन में दावेदारी
कैप्टन के हक में कांग्रेसियों का अचानक उतरना यूं ही नहीं हो रहा। इसके पीछे टिकट की दौड़ से लेकर संगठन में दावेदारी का भी दांव है। कैप्टन अगर अगले साल विस चुनाव में CM चेहरे होंगे तो जाहिर है कि टिकट बंटवारे में उनकी ज्यादा चलेगी। प्रगट सिंह समेत जो नेता कैप्टन का मुखर होकर विरोध करते रहे हैं, उनका पत्ता कटे तो उसका लाभ हमें मिले, इसी पर जोर लगा हुआ है। सबसे पहले होर्डिंग लगवाने वाले चेयरमैन राणा रंधावा तो पहले भी जालंधर कैंट से टिकट मांगते रहे हैं। इस बार वह प्रगट सिंह व कैप्टन की खटपट का लाभ उठाने की कोशिश में हैं। वहीं, पंजाब कांग्रेस की कलह सुलझाने कमेटी के संगठन में फेरबदल के आसार को देखते हुए कांग्रेसी संगठन में दावेदारी के लिए भी कोशिश में जुटे हैं।