जालंधर के माहला गांव के प्राचीन गुरुद्वारा साहिब में गंभीर बेअदबी की घटना सामने आई है, जिसने गांव और आसपास के इलाके में गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी जालंधर ग्रामीण हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने घटना स्थल पर पहुंचकर आरोपी को काबू किया। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है। एसएसपी ने यह भी बताया कि इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस लगातार निगरानी रखे हुए है।

श्री अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने घटना की कड़ी निंदा की और जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति किसी भी प्रकार का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञानी कुलदीप ने सभी सिख संगत से अपील की कि अपने गुरुद्वारों में चौबीसों घंटे पहरा, कार्यरत सीसीटीवी और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें।

गांववासियों ने बताया कि घटना शाम करीब छह बजे हुई, जब गुरुद्वारा में किसी का भी मौजूद नहीं था। बेअदबी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र अंग फाड़ दिए गए, जिससे धार्मिक भावनाओं को गहरा आघात लगा। ग्रामीणों का कहना है कि गुरुद्वारा परिसर में सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं, लेकिन घटना के समय वे काम नहीं कर रहे थे।

पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी फिल्लौर और एसएचओ गोराया को मौके पर भेजा और आसपास के कैमरों की जांच शुरू कर दी। गांव की सरपंच बलविंदर कौर ने दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सजा दिलाने की मांग की।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में गुरुद्वारा साहिबों में बेअदबी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है और सरकार इन घटनाओं को रोकने में विफल रही है। धामी ने दोषियों और उनकी साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि गुरुद्वारों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करना आवश्यक है। हर गुरुद्वारा में सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी का प्रभावी संचालन सुनिश्चित होना चाहिए। शिरोमणि कमेटी ने सदस्य रणजीत सिंह काहलों के नेतृत्व में गुरुद्वारों की निगरानी बढ़ाने और सभी स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।