अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान आए तेज आंधी-तूफान में पेड़ गिरने से शहीद हुए अग्निवीर सोहित चौहान को सोमवार को उनके पैतृक गांव लूम्ब (बागपत) में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दर्दनाक क्षण में गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने वीर बेटे को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

सोहित चौहान की अंतिम यात्रा रमाला गेट से उनके गांव तक निकाली गई, जिसकी लंबाई लगभग 7 किलोमीटर रही। इस दौरान सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे रास्ते लोगों ने फूल बरसाकर और “भारत माता की जय” तथा “सोहित चौहान अमर रहें” जैसे नारों के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। यात्रा को गांव तक पहुंचने में करीब एक घंटा लगा।

गांव में जब तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचा तो माहौल बेहद भावुक हो गया। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर किसी की आंखें नम थीं, लेकिन देश के लिए उनके बलिदान पर गर्व भी साफ झलक रहा था। अपने बेटे को अंतिम बार देखकर मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिससे वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।

बाद में सोहित चौहान का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। उनके बड़े भाई मोहित ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान सैन्य अधिकारियों और जवानों ने उन्हें सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की।