ग्रेटर नोएडा के सुत्याना स्थित कमांडेंट 235वीं बटालियन सीआरपीएफ के आवासीय परिसर में एक जवान (आरक्षी) और उसकी पत्नी ने अपने 10 वर्षीय नाबालिग भांजी के साथ बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल बच्ची को इलाज के लिए मैक्स अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की हालत अभी गंभीर बनी हुई है।

बच्ची की सुरक्षा और इलाज

बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम नियमित रूप से अस्पताल पहुंचकर बच्ची की स्थिति पर नजर रख रही है। सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल में 24 घंटे दो महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष केसी विरमानी ने बताया कि डॉक्टरों की अनुमति मिलने के बाद ही बच्ची का बयान दर्ज किया जाएगा। इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन कर रही है।

घटना की पूरी जानकारी

जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला रिम्पा खातून मूलरूप से पश्चिम बंगाल के मालदा की निवासी हैं। वह सीआरपीएफ आरक्षी पति तारीक अनवर के साथ सुत्याना में रहती हैं। आर्थिक तंगी और बहन की मानसिक स्थिति के कारण करीब 40 दिन पहले बच्ची को उनके पास रखा गया था। आरोप है कि बच्ची से घरेलू काम करवाया जाता था और बच्चों की देखभाल भी करवाई जाती थी।

14 जनवरी की रात दोनों ने घरेलू काम में लापरवाही को लेकर बच्ची के साथ मारपीट की। पड़ोसियों की सूचना पर सूबेदार मेजर ने पुलिस को खबर दी। बच्ची को पहले सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर गंभीर हालत में मैक्स अस्पताल में शिफ्ट किया गया। मेडिकल रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन मात्र 1.9 पाया गया, कई पसलियां, दांत और नाखून टूटे हुए थे। चोटें लंबे समय तक हुई मारपीट और अमानवीय यातना की ओर इशारा करती हैं।

पुलिस कार्रवाई

ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने आरोपी जवान और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जवान को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मामले में बीएनएस की धारा-110 (गैर इरादतन हत्या के प्रयास) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। किशोर न्याय अधिनियम के तहत भी आगे कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति नहीं थी

सीआरपीएफ के सूबेदार ने बताया कि बच्ची को बिना वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति अपने आवास पर रखा गया था। छोटी-छोटी बातों पर बच्ची को प्रताड़ित किया जाता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उचित कार्रवाई कर रही है।