लखनऊ: राजधानी लखनऊ में शुक्रवार सुबह तेज आंधी और बारिश के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित रही। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने की घटनाओं के साथ तार और पोल टूटने की भी खबरें आईं। हालांकि, अधिकांश जगहों पर एक से चार घंटे के भीतर बिजली बहाल कर दी गई, लेकिन इससे जनजीवन और व्यापार प्रभावित हुआ।

मुख्य घटनाएं

  • 11 और 33 केवी लाइन में फॉल्ट और तार टूटने के कारण गोमतीनगर, अमीनाबाद, चिनहट, गोमतीनगर विस्तार, सरोजनीनगर, मोहान रोड, हरदोई रोड, उतरेठिया, आशियाना, इटौंजा और बीकेटी के कई इलाकों में बिजली गुल रही।

  • जिम्मेदार इंजीनियरों ने बताया कि अधिकांश जगहों पर एक घंटे के भीतर बिजली बहाल कर दी गई।

यार्ड में जाल टूटने से हाईटेंशन लाइन प्रभावित

अमीनाबाद ओल्ड उपकेंद्र के यार्ड में जाल की रस्सी टूटने से 33 हजार वोल्ट हाईटेंशन लाइन पर गिर गया। इसके कारण मौलवीगंज, रकाबगंज, पांडेयगंज, खयालीगंज, अमीनाबाद पार्क, गुलमर्ग रोड और चिकमंडी के लगभग 10 हजार उपभोक्ताओं की बिजली डेढ़ घंटे तक बंद रही।

अधिशासी अभियंता धमेंद्र सक्सेना ने बताया कि बिजली चालू होने के बाद 33 केवी इकाई की टीम ने फॉल्ट ठीक किया।

इलाकों के हिसाब से बिजली बंद रहने का समय

  • जानकीपुरम सेक्टर-आई व मड़ियांव गांव: सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक

  • कपूरथला उपकेंद्र सेक्टर-एफ: सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक

  • मौलवीगंज, हाता, सुलेमान कदर, अस्तबल, चारबाग: सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक

  • भीखमपुर उपकेंद्र: दोपहर 2:45 से 3:20 बजे तक

  • विभूति खंड, पिकप भवन, पुलिस आवास: सुबह 9:50 से 10:25 बजे तक

  • मंत्री आवास, विश्वासखंड, विपिनखंड: सुबह 9:52 से 10 बजे तक

  • गोमतीनगर विस्तार उपकेंद्र सेक्टर-1 और 5: शाम 4 से 5:15 बजे तक

  • निरालानगर उपकेंद्र: सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक

  • अहिबरनपुर उपकेंद्र: सुबह 10:15 से 11 बजे तक

मौसम का अचानक करवट लेना

लखनऊ और आसपास के जिलों में सुबह घने काले बादल छा गए। तेज हवा के झोंकों के साथ गरज-चमक और बारिश हुई, जिससे दिन में ही अंधेरा छा गया और लोगों को गाड़ियों की लाइट जलानी पड़ी
शहर के बाहरी इलाकों में कहीं-कहीं ओले गिरने की भी सूचना मिली।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी/घंटा तक रही और दिन भर मौसम इसी तरह बना रह सकता है। तापमान में लगभग 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।