मेरठ: पश्चिम बंगाल में बन रही बाबरी मस्जिद के लिए चंदा इकट्ठा करने आए कुछ लोगों को मेरठ के सदर बाजार में व्यापारियों ने पकड़ लिया। इस घटना की जानकारी व्यापारियों ने कैंट विधायक अमित अग्रवाल को दी। उस समय विधायक पीएम मोदी की रैली के लिए जनसंपर्क अभियान चला रहे थे। पुलिस ने कुल 50 लोगों को थाने भेजा, लेकिन इनमें से केवल 21 लोगों का ही सत्यापन किया गया।
विधायक अमित अग्रवाल और बाजार के व्यापारियों ने पुलिस थाने जाकर इस मामले में गंभीर विरोध जताया। अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे से फोन पर संपर्क कर पूरी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दो टीमों का गठन किया गया — एक टीम को रोडवेज बस अड्डे और दूसरी को रेलवे स्टेशन भेजा गया, ताकि जिन लोगों का सत्यापन नहीं हुआ था, उन्हें पकड़ा जा सके।
सत्यापन और कार्रवाई पर उठे सवाल
अग्रवाल ने बताया कि वे जनसंपर्क अभियान के दौरान व्यापारियों से जानकारी प्राप्त कर सकते थे कि कुछ लोग दुकानों और घरों में जाकर चंदा मांग रहे थे। पकड़े गए लोगों में से एक व्यक्ति का आधार कार्ड पश्चिम बंगाल का पाया गया। विधायक ने सवाल उठाया कि 50 लोगों में से केवल 21 का सत्यापन क्यों किया गया।
पुलिस की लापरवाही पर चिंता
अग्रवाल ने कहा कि इस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ दौरे पर आने वाले हैं। ऐसे समय में बिना सही सत्यापन के लोगों को छोड़ देना गंभीर लापरवाही है। विधायक और व्यापारियों ने थाने में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सांप्रदायिक साजिश का आरोप
अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा कि बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लिए अलग-अलग राज्यों से चंदा इकट्ठा किया जा रहा है और पकड़े गए लोगों का पूर्ण सत्यापन कर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधीक्षक नगर आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पकड़े गए लोगों का सत्यापन जारी है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।