उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार शाम आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारी परखने के लिए ब्लैकआउट की मॉक ड्रिल कराई गई। मुजफ्फरनगर में यह अभ्यास शाम छह बजे से दस मिनट तक प्रस्तावित था, लेकिन शहर और ग्रामीण इलाकों में उस समय तक अधिकांश जगहों पर बिजली पहले ही बंद थी।


दरअसल, सुबह से जिले में रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही, जिससे ठंड बढ़ गई और कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था चरमरा गई। बारिश के चलते जगह-जगह फॉल्ट आने से दिनभर विद्युत आपूर्ति बाधित रही। ऐसे में शाम को हुई मॉक ड्रिल आम लोगों के लिए औपचारिकता भर बनकर रह गई।


बारिश और बिजली कटौती के चलते लोगों को ठंड के बीच भारी परेशानी झेलनी पड़ी। ड्रिल समाप्त होने के बाद विद्युत विभाग ने धीरे-धीरे आपूर्ति बहाल की।

मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि बारिश के कारण कुछ स्थानों पर तकनीकी खराबी आई है, जिसे ठीक कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्लैकआउट अभ्यास पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत किया गया था।


जिलाधिकारी के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थिति में प्रशासनिक और राहत एजेंसियों की तत्परता जांचना था। इसमें स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, सिविल डिफेंस के जवान और स्वयंसेवक शामिल रहे। नागरिकों से भी तय समय पर स्वेच्छा से लाइट बंद करने का अनुरोध किया गया था, ताकि वास्तविक हालात जैसे परिदृश्य में तैयारियों का आकलन किया जा सके।