मुजफ्फरनगर में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक तीखा रुख अख्तियार कर लिया। तेज रफ्तार हवाओं के साथ उठी धूल भरी आंधी ने कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। सड़कों पर धूल का घना गुबार छा गया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को सुरक्षित जगहों की ओर भागना पड़ा। बाजारों और मुख्य सड़कों पर अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया।
आंधी का असर इतना तेज था कि कई जगहों पर टीन शेड उखड़ गए, बड़े-बड़े होर्डिंग गिर गए और सामान इधर-उधर बिखर गया। खासकर ग्रामीण इलाकों में हालात ज्यादा प्रभावित रहे, जहां धूल के कारण राहगीरों और बाइक सवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कुछ ही देर बाद आसमान काले बादलों से ढक गया और तेज बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होती रही, जबकि बिजली की चमक और बादलों की गर्जना ने मौसम को और डरावना बना दिया।

पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच आई इस बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी। जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, वहीं बारिश के बाद इसमें गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं के चलते मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली।
हालांकि, इस बदलाव के साथ नुकसान भी सामने आया। तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ गिर गए, बिजली के खंभे झुक गए और तार टूटकर सड़कों पर आ गिरे। इसके कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घरों के दरवाजे और खिड़कियां तक हिलने लगीं। वहीं खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
स्थिति को संभालने के लिए बिजली विभाग और प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गई हैं। टूटे तारों और गिरे खंभों को दुरुस्त करने का काम तेजी से जारी है, हालांकि कई क्षेत्रों में अभी भी बिजली बहाल नहीं हो सकी है।