मुजफ्फरनगर: दिल्ली–देहरादून हाईवे पर संधावली और वहलना गांव के पास 2.44 किमी लंबे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए 419 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जिसमें 315.52 करोड़ रुपये संरचनात्मक निर्माण पर खर्च होंगे।

एनएच-58 बनने के बाद से संधावली ओवरब्रिज पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रही हैं। स्थानीय लोग और राहगीर लंबे समय से इस बाईपास पर अंडरपास की मांग कर रहे थे, ताकि तेज़ रफ्तार वाहनों से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ओवरब्रिज से गुजरते वाहन गांववासियों और हाईवे पर आने-जाने वाले लोगों के लिए खतरा बनते रहे। बढ़ती वाहनों की संख्या और सड़क पर सुरक्षा जोखिम को देखते हुए एनएचएआई ने इस क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी है।

पिछले साल 9 दिसंबर को जिला बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव ने हाईवे पर बढ़ती ट्रैफिक और दुर्घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने हाईवे को छह लेन करने और संधावली–वहलना के पास बड़े ओवरब्रिज का निर्माण करने की योजना की घोषणा की थी।

ओवरब्रिज की विशेषताएं
एनएचएआई के दिल्ली–एनसीआर क्षेत्रीय अधिकारी सफी अहमद के अनुसार, स्वीकृत 2.44 किमी लंबे ओवरब्रिज का 1.72 किमी हिस्सा रेल लाइन के ऊपर एलीवेटेड रहेगा। इस ओवरब्रिज पर दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन यानी कुल छह लेन होंगे, साथ ही दोनों ओर सर्विस लेन भी बनाई जाएंगी। पुल में 40 मीटर की दूरी पर खंभे लगाए जाएंगे। एलीवेटेड भाग में 1,400 मीटर मेरठ की ओर और 300 मीटर देहरादून की दिशा में होगा।

सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि
एनएचएआई चेयरमैन संतोष यादव ने कहा कि यह परियोजना राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा व सुविधा को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और संधावली क्षेत्र में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए छह लेन का नया ओवरब्रिज निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा, प्रतापपुर से मुजफ्फरनगर तक 80 किमी की दूरी वाले हाईवे को भी छह लेन किया जाएगा। मुजफ्फरनगर में 40.11 किमी हाईवे चौड़ीकरण की डीपीआर तैयार की जा रही है।