मुजफ्फरनगर। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों को लेकर मुजफ्फरनगर में भी राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर शिवसेना ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
यह ज्ञापन शिवसेना पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रमुख ललित मोहन शर्मा के आह्वान पर जिला प्रमुख बिट्टू सिखेड़ा के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपा गया। इसमें पूरे प्रकरण की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की गई है।

आस्था से जुड़े मामले में पारदर्शिता की मांग
शिवसेना जिला प्रमुख बिट्टू सिखेड़ा ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक हैं और राम मंदिर से जुड़ा कोई भी वित्तीय या दान संबंधी मामला अत्यंत संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि यदि दान राशि या मंदिर में चढ़ाए गए सामान को लेकर किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।

निष्पक्ष जांच की उठी मांग
शिवसेना छात्र संघ जिलाध्यक्ष जतिन वशिष्ठ ने कहा कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि आम लोगों का विश्वास बना रहे। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति जांच से बच न सके।
CBI जांच और कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे मामले की CBI से निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।