सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर-2' को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। सांसद मसूद ने आदित्य धर निर्देशित और रणवीर सिंह अभिनीत इस फिल्म को 'बकवास' बताते हुए कहा कि इसे दर्शक गंभीरता से नहीं देखेंगे और न ही फिल्म में दिखाए गए तथ्यों पर भरोसा करेंगे।

नोटबंदी को बताया हानिकारक कदम

सांसद ने विशेष रूप से फिल्म में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी फैसले को 'मास्टर स्ट्रोक' के रूप में प्रस्तुत किए जाने पर विरोध जताया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि नोटबंदी देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर रूप से हानिकारक साबित हुई थी और इसने आम जनता की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया। ऐसे में इसे फिल्म में सफल कदम के रूप में दिखाना सरासर गलत है।

ऐतिहासिक शख्सियतों को फिल्मों में दिखाने की सलाह

इमरान मसूद ने कहा कि अगर फिल्मों में किसी का महिमा मंडन करना है, तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दिखाया जाना चाहिए। सांसद ने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे इंदिरा गांधी ने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को जवाब दिया था, यह कहानी दर्शकों तक पहुंचाई जा सकती है।

सरकार पर गंभीर आरोप

सांसद ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि वह देश के सामने ठोस मुद्दे नहीं पेश कर पा रही है। उनके मुताबिक, फिल्म जैसे मामलों को लेकर बहस शुरू कराना जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से भटकाने का प्रयास है।

फिल्म और राजनीति के बीच बहस

'धुरंधर-2' की रिलीज और सांसद मसूद के बयान ने नोटबंदी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर फिर से बहस छेड़ दी है। यह घटना बॉलीवुड और राजनीति के बीच जटिल संबंधों को भी उजागर करती है, जहां अक्सर ऐतिहासिक घटनाओं और राष्ट्रीय नीतियों को कलात्मक स्वतंत्रता के नाम पर अलग-अलग नजरिए से पेश किया जाता है।