शामली। हाईवे के किनारे सरकारी और प्राइम लोकेशन होने का झांसा देकर जमीन की फर्जी खसरा-खतौनी तैयार कर प्रॉपर्टी डीलर से 20 लाख रुपये ठग लिए गए। इस मामले में आदर्श मंडी थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय जालसाज गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात लाख रुपये, दो लग्जरी कार और नकली दस्तावेज बरामद किए हैं।
पीड़ित आदित्य कुमार, निवासी गंगोत्री कुंज, पनियाला रोड, सुभाष नगर, रुड़की, हरिद्वार ने बताया कि उन्हें हाईवे पर जमीन का फर्जी सौदा कर 20 लाख रुपये ठगे गए। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी एनपी सिंह के आदेश पर मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज की गई।
एसपी एनपी सिंह ने बुधवार को बताया कि सर्विलांस टीम और आदर्श मंडी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में निखिल मलिक (भिक्का माजरा, मुजफ्फरनगर), अशोक (हर्ष विहार, हापुड़), पुष्पेंद्र उर्फ पिंटू (लज्जापुरी, हापुड़), जगतपाल (जसरूप नगर, चंद्रलोक कालोनी, हापुड़), रणजीत (दादरी, दौराला, मेरठ), राजीव (लिलौन, शामली) और अंकित (काबड़ौत, शामली) शामिल हैं। सभी आरोपियों का चालान कर दिया गया है।
एसपी ने बताया कि इसी तरह की ठगी मेरठ, हापुड़ और नोएडा में भी हुई है। अन्य राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। दो अन्य आरोपियों बिट्टू (रुड़की) और लाला उर्फ रवि की तलाश जारी है।
मुनाफे के लालच में हुई ठगी
पीड़ित आदित्य कुमार ने पुलिस को बताया कि 6 दिसंबर 2025 को दिल्ली निवासी सोनवीर ने कॉल कर शामली में हाईवे के पास जमीन का सौदा करने के लिए बुलाया। बाद में अंकित, राजीव, बिट्टू और निखिल से मिलकर जमीन का सौदा तय किया गया। सौदे में 10.5 बीघा जमीन प्रति बीघा 1.05 करोड़ रुपये के हिसाब से खरीदी जाने का दावा किया गया और 100 रुपये के स्टांप पर 20 लाख रुपये सौंप दिए गए। बाद में पता चला कि जिस जमीन का खसरा नंबर बताया गया, वह फर्जी था।