शामली: शहर में एक फर्म के माध्यम से 5,17,33,718 रुपये की राजस्व चोरी करने का मामला उजागर हुआ है। जीएसटी अधिकारियों की जांच में यह खुलासा हुआ कि यूपी जीएसटी में पंजीकृत फर्म मैसर्स क्रिस्टल एजेंसीज ने कर देयता स्वीकार की, लेकिन वास्तविक रूप से कर जमा नहीं किया।
सहायक आयुक्त राज्य कर, खंड दो, शामली के आदित्य प्रताप सिंह ने एसपी एनपी सिंह को प्रार्थना पत्र में बताया कि फर्म के कानूनी नाम पल्टूराम निवासी माता मंदिर के निकट कांधला है। विभागीय जांच में पाया गया कि अप्रैल 2020 में जीएसटीआर-1 फाइल करते समय शून्य आउटवर्ड सप्लाई दिखाई गई, जबकि अक्टूबर 2020 में 1,84,76,380 रुपये की आउटवर्ड सप्लाई दर्ज की गई। इस दौरान करदाता से आईटीसी पासऑन के माध्यम से कुल 5,17,33,718 रुपये का लाभ लिया गया।
इस खुलासे के बाद 29 अक्टूबर 2020 को फर्म का जीएसटी पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। एसपी के आदेश पर शहर कोतवाली पुलिस ने फर्म संचालक पल्टूराम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।