बुधवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने बरेली जिले के कई इलाकों में व्यापक नुकसान पहुंचाया। भमोरा थाना क्षेत्र के बबियाना गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां 50 वर्षीय नन्हे अंसारी तेज हवा के झोंके में करीब 50 फीट तक ऊपर उठकर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।

इसी तरह ओरछी क्षेत्र के खेड़ादास गांव में एक और हादसा हुआ, जहां छत पर जाल ढकने के लिए गए एक परिवार को बवंडर ने अपनी चपेट में ले लिया। धनीराम, उनकी पत्नी विनीता शर्मा और 14 वर्षीय बेटा प्रिंस हवा के तेज दबाव में संतुलन खोकर दूर जा गिरे। हादसे में मां और बेटे को ज्यादा चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए चंदौसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आंधी के चलते क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे आवागमन बाधित है। बिजली व्यवस्था चरमरा गई है और सप्लाई ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहरा गया है। लोग मजबूरी में जनरेटर का सहारा ले रहे हैं, वहीं टूटे बिजली के खंभे हादसे का खतरा बढ़ा रहे हैं।

दबतोरी गांव में पूर्व प्रधान प्रेमपाल सिंह के घर के बाहर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पाकड़ का पेड़ गिर गया, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। दबतोरी–बिसौली मार्ग पर परवेज नगर के पास भी शीशम का पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा।

बिजली व्यवस्था पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। सुखदेव के नलकूप पर लगा ट्रांसफॉर्मर खंभे सहित नीचे गिर गया, जिससे सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई है। बिजली विभाग के अनुसार आसफपुर उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र में करीब 30 घंटे से अधिक समय से आपूर्ति ठप है, जिससे लगभग सवा लाख लोगों की आबादी प्रभावित है।

विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 33 केवी लाइन पर बड़ी संख्या में पेड़ गिरने से नेटवर्क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। 24 से अधिक कर्मचारी लगातार मरम्मत और मलबा हटाने के कार्य में जुटे हैं।

इधर, कुछ इलाकों में हाईटेंशन लाइन के खंभे क्षतिग्रस्त होने से तार जमीन के बेहद करीब आ गए हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।

लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने से छोटे उद्योग और कारोबार भी ठप हो गए हैं। वहीं पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

दातागंज क्षेत्र के नौनी टिकन्ना गांव में जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन परिसर की बाउंड्रीवॉल भी आंधी में गिर गई, जिससे निर्माण कार्य को भारी नुकसान पहुंचा है और परियोजना पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।