उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा हटाए जाने के बाद तनाव का माहौल बन गया। मामला बरखेड़ा थाना क्षेत्र के कबूलपुर गांव का है, जहां एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने चंदा इकट्ठा कर गांव में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की थी, जिसे सोमवार देर रात प्रशासन ने हटवा दिया। मंगलवार सुबह आंबेडकर जयंती के अवसर पर जब लोग स्थल पर पहुंचे तो प्रतिमा वहां नहीं मिली, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।
गांव के कई लोगों—सर्वेश, दीपक, गौरव, रामपाल, राजपाल, संतोष कुमार, कालीचरन, रूपलाल, रामबहादुर और लाल बहादुर—का कहना है कि जिस स्थान पर प्रतिमा लगाई गई थी, वह सरकारी रिकॉर्ड में ‘आंबेडकर पार्क’ के रूप में दर्ज है। उनका दावा है कि प्रतिमा सोमवार दोपहर स्थापित की गई थी और मंगलवार को उसका अनावरण होना था, लेकिन उससे पहले ही देर रात करीब 12 बजे उसे हटा दिया गया।
स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। तनाव बढ़ता देख पुलिस बल तैनात किया गया और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई। सीओ विधि भूषण मौर्य भी देर रात गांव पहुंचे थे।
प्रशासन का पक्ष
वहीं प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा बिना अनुमति के स्थापित की गई थी, जिसके चलते उसे हटाया गया। एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों ने बिना स्वीकृति के प्रतिमा लगाई थी, जिसे बाद में स्वयं ही हटा लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अब ग्रामीण अनुमति के लिए औपचारिक आवेदन कर सकते हैं।