हरदोई। महाराजा बिजली पासी की जयंती समारोह केवल स्मृति कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह प्रदेश राजनीति में नए सियासी संकेत का मंच बन गया। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी की बहुजन संकल्प महारैली में उमड़ी भीड़ के बीच पार्टी प्रमुख सांसद चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट किया कि 2027 में सत्ता का रास्ता लखनऊ से होकर जाएगा।
नार्मल स्कूल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यह जयंती सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि 2027 के लिए बहुजन संकल्प का ऐलान है। उन्होंने पार्टी की रणनीति बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने सभी पुराने दलों को आजमा लिया है और अब नए नेतृत्व को मौका देना चाहती है।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी, मुस्लिम और आदिवासी समुदायों के बीच भाईचारे की मजबूती आने वाले समय में आजाद समाज पार्टी को बड़ी राजनीतिक ताकत बनाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि हरदोई सम्मेलन के बाद 25 तारीख से प्रदेश में पांच बड़ी रैलियों की शुरुआत होगी, जबकि मुजफ्फरनगर में महारैली पहले ही सम्पन्न हो चुकी है।
समारोह में उमड़ी भारी भीड़ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सहयोग किया, लेकिन संख्या अपेक्षा से कहीं अधिक थी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शोषण और अत्याचार से जुड़े सैकड़ों आवेदन पर कार्रवाई नहीं हुई तो जिला अधिकारी कार्यालय पर बड़ा धरना दिया जाएगा।
एसआईआर को लेकर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए प्रदेश में 2.89 करोड़ वोट काटे गए हैं और 2024 के चुनाव में डाले गए वोटों की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा।
चंद्रशेखर आजाद ने लखनऊ के प्रेरणा स्थल का जिक्र करते हुए कहा कि भाषणों में महाराजा बिजली पासी का नाम लिया गया, लेकिन यदि वहां उनकी और लाखन पासी, उदा देवी पासी जैसी दलित महापुरुषों की मूर्तियां होतीं तो समाज को सच्चा सम्मान मिलता। उन्होंने कहा कि दलित समाज का पेट केवल बातों से भरा जा रहा है, जबकि जमीनी हालात आज भी गुलामी जैसे हैं।
समारोह में भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम का राजनीतिक संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया।