दुनिया के कई देशों में अब इंटरनेट बंद करना सरकारों के लिए आम कदम बन चुका है। हाल ही में ईरान और युगांडा में भी विरोध-प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट सेवाएं रोक दी गईं। आमतौर पर सरकारें कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों और हिंसा को फैलने से रोकने के लिए ऐसा करती हैं। कई बार सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली भड़काऊ सामग्री, नफरत भरे भाषण और संगठित आंदोलनों पर लगाम लगाने के नाम पर भी इंटरनेट पर रोक लगाई जाती है।

हालांकि, आलोचक यह भी मानते हैं कि कुछ देशों में यह कदम मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने का जरिया भी बन जाता है। इसी माहौल के बीच एक ऐसा मोबाइल एप चर्चा में आया है, जो बिना इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क के भी काम करता है। यह एप अब दुनिया भर के एक्टिविस्ट्स और प्रदर्शनकारियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

बिना नंबर और रजिस्ट्रेशन के चलता है यह एप

इस एप का नाम BitChat है। इसे इस्तेमाल करने के लिए न मोबाइल नंबर चाहिए, न ईमेल और न ही किसी तरह का रजिस्ट्रेशन। सिर्फ डाउनलोड करते ही इसे उपयोग में लाया जा सकता है। ईरान और युगांडा में जैसे ही इंटरनेट सेवाएं बंद हुईं, इस एप की डाउनलोडिंग अचानक कई गुना बढ़ गई।

इंटरनेट के बिना कैसे चलता है BitChat?

BitChat को खास तौर पर ऐसे हालात के लिए तैयार किया गया है, जब मोबाइल डेटा या वाई-फाई उपलब्ध न हो। जहां WhatsApp, Telegram जैसे एप्स इंटरनेट पर निर्भर रहते हैं, वहीं BitChat पूरी तरह अलग तकनीक पर आधारित है।

यह एप Bluetooth Mesh तकनीक का इस्तेमाल करता है। इसमें हर फोन एक “नोड” की तरह काम करता है। अगर कोई यूज़र ऐसे व्यक्ति को मैसेज भेजता है जो सीधे ब्लूटूथ रेंज (करीब 30 से 100 मीटर) में नहीं है, तो संदेश आसपास मौजूद अन्य BitChat यूज़र्स के फोन के जरिए आगे बढ़ जाता है। इस तरह मैसेज एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस तक पहुंचता है।

जैक डॉर्सी की सोच से जन्मा प्लेटफॉर्म

इस एप को ट्विटर के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ जैक डॉर्सी ने पिछले साल जुलाई में लॉन्च किया था। बताया जाता है कि उन्होंने इसे महज एक हफ्ते में कोड किया। डॉर्सी का मानना है कि इंटरनेट को ज्यादा विकेंद्रीकृत होना चाहिए ताकि किसी एक संस्था या सरकार का उस पर नियंत्रण न हो। उनका कहना है कि सेंसरशिप से मुक्त संचार व्यवस्था ही डिजिटल आज़ादी की असली पहचान है।

पूरी तरह डीसेंट्रलाइज्ड और सुरक्षित

BitChat में किसी अकाउंट, सिम कार्ड या ईमेल की जरूरत नहीं होती, जिससे यूज़र की पहचान छिपी रहती है। इसमें भेजे जाने वाले मैसेज एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहते हैं। सुरक्षा बढ़ाने के लिए मैसेज छोटे हिस्सों में ट्रांसफर होते हैं और कुछ समय बाद अपने आप डिलीट भी हो जाते हैं।

सर्वर पर नहीं रहता कोई डेटा

इस एप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका कोई सेंट्रल सर्वर नहीं है। यानी मैसेज किसी क्लाउड या सर्वर पर स्टोर नहीं होते, बल्कि सीधे यूज़र के फोन पर ही रहते हैं। इसी वजह से इस पर निगरानी रखना या इसे सेंसर करना बेहद मुश्किल हो जाता है।