सहारनपुर: नकद ली गई किश्तें खाते में नहीं हुई जमा, अब बैंक दे रहा घर नीलाम करने की धमकी

सहारनपुर। जनकपुरी क्षेत्र निवासी प्रदीप बंसल ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर धोखाधड़ी कर दो लाख चार हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बीमार होने के कारण वह आनलाइन किस्त जमा नहीं करा पाए थे तथा फाइनेंस कंपनी के एजेंट उनके घर से ही 95342 रुपये नगद और 109285 रुपये मोबाइल से आनलाइन खाते में ट्रांसफर कर किस्त के रुपये ले गए थे, लेकिन उनके लोन खाते में जमा नहीं किए गए। अब कंपनी के प्रबंधक उनका घर नीलाम कराने की धमकी दे रहे हैं।
जनकनगर निवासी प्रदीप बंसल ने बताया कि उसने एसबीएफसी फाइनेन्स प्राइवेट लिमिटेड गिल कालोनी, कोर्ट रोड थाना सदर बाजार से 12 लाख रुपये ऋण लिया था, जिसकी प्रतिमाह 17,057 रुपये की किस्त तय हुई थी। वह लगातार किस्तों की अदायगी कर रहा था, लेकिन वर्ष 2023 में उसे हार्ट अटैक आ गया था। इसके चलते वह किस्तों की अदायगी आनलाइन नहीं कर पाया।
आरोप है कि रिकवरी मैनेजर विपुल तथा रिकवरी एजेंट गगन वोहरा, सूर्यकांत शर्मा व विनोद तिवारी ने आपस में साज करके पीड़ित के घर से ही नकद किस्तों की अदायगी ले ली। पीड़ित ने 95,342 रुपये समय-समय पर नकद दिए, जबकि 1,09,285 रुपये गगन और सूर्यकांत के मोबाइल एकाउंट पर ट्रांसफर किए थे। इसके बावजूद कंपनी के वर्तमान प्रबन्धक उक्त किस्तों की अदायगी के लिए उसे धमका रहे है। बीती आठ जुलाई को करीब 11 बजे वह फाइनेन्स कम्पनी में पहुंचा और किस्त जमा करने की डिटेल दिखाई। बताया गया कि विपुल, गगन और सूर्यकांत पहले ही कम्पनी छोड़ चुके हैं, सिर्फ विनाेद तिवारी कार्यरत है। उसके बावजूद तीन जुलाई 2025 को भी आनलाइन पेमेंट 17,057 रुपये गगन ने लिया है।
वर्तमान मैनेजर से इसकी शिकायत की तो उसने पीड़ित से अभद्र व्यवहार किया और कहा कि ऐसे ही किस्तें बहुत सारे लोगों से ले रखी है और अब तुझे दोबारा रकम की अदायगी करनी पड़ेगी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने आपस में साज करके पीड़ित के रुपये हड़प लिए हैं। थाना पुलिस से गुहार लगाने के बावजूद सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जनकपुरी थाना प्रभारी परविंद्र पाल सिंह ने बताया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.