नई दिल्ली: मंगलवार को सर्राफा बाजार में चांदी और सोने दोनों की कीमतों में उछाल देखा गया, जिसमें सबसे बड़ी छलांग चांदी में दर्ज हुई। राजधानी में चांदी की कीमत ₹10,975 की बढ़ोतरी के साथ ₹2,79,275 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

सोने की कीमत में भी हल्की तेजी रही और यह ₹400 बढ़कर ₹1,64,700 प्रति 10 ग्राम हो गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, लगातार तीन दिन गिरावट के बाद चांदी ने करीब 4.09% की तेज बढ़ोतरी दिखाई। सोमवार को चांदी ₹2,68,300 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

वैश्विक बाजार और आर्थिक संकेत

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तेजी के पीछे वैश्विक बाजार का प्रभाव मुख्य कारण है। डॉलर की कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने कीमती धातुओं की मांग को बढ़ाया।

लेमन मार्केट्स के शोध विश्लेषक गौरव गर्ग ने बताया, “पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संभावित समाधान के संकेतों ने निवेशकों को बुलियन में निवेश के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई की चिंता भी इस उछाल का कारण बनी।”

अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में मजबूती देखी गई। हाजिर चांदी 1.38 डॉलर यानी लगभग 1.6% बढ़कर 88.33 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि सोना लगभग 1% की तेजी के साथ 5,172.86 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने दोनों धातुओं को सहारा दिया। डॉलर इंडेक्स हाल ही में 15 हफ्ते के उच्च स्तर के बाद कमजोर हुआ, जिससे बुलियन बाजार में मजबूती आई।

चांदी में अधिक तेजी क्यों?

कोटक सिक्योरिटीज की जिंस रिसर्च एवीपी कायनात चैनवाला के अनुसार, चांदी लगभग 90 डॉलर प्रति औंस के स्तर के करीब पहुंच गई। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत और तेल की कीमतों में गिरावट ने महंगाई की चिंता को थोड़ी कम किया और बाजार को सपोर्ट मिला।

केंद्रीय बैंकों की खरीद ने भी दिया सहारा

सोने की कीमतों में बढ़ोतरी में केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद भी अहम भूमिका निभा रही है। पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने फरवरी में लगातार 16वें महीने सोने की खरीद जारी रखी।

विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की चाल, वैश्विक तनाव और केंद्रीय बैंकों की खरीद जैसे कारक आने वाले समय में भी सोना और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।