नई दिल्ली। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा एवं राज्यसभा के कई सांसदों ने संसद परिसर स्थित बीआर आंबेडकर प्रेरणा स्थल पर पहुंचकर बाबासाहेब को श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति मुर्मू ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर डॉ. आंबेडकर को नमन किया। उन्होंने लिखा कि बाबासाहेब भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार थे और एक महान समाज सुधारक के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया।

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में यह भी कहा कि डॉ. आंबेडकर एक न्यायविद, अर्थशास्त्री और दूरदर्शी विचारक थे, जिन्होंने समानता आधारित समाज की नींव मजबूत की।

उन्होंने आगे कहा कि बाबासाहेब ने न केवल सामाजिक असमानताओं को दूर करने की दिशा दिखाई, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों को भी सशक्त किया। महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों को लेकर उनका योगदान विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा।

राष्ट्रपति मुर्मू ने देशवासियों से अपील की कि वे बाबासाहेब के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और एक न्यायपूर्ण, समावेशी तथा प्रगतिशील भारत के निर्माण में योगदान दें।

पीएम मोदी ने बताया प्रेरणास्रोत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा कि राष्ट्र निर्माण में बाबासाहेब का योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों को एक न्यायपूर्ण और सशक्त समाज बनाने के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।