राजधानी दिल्ली के बाहरी उत्तरी जिले में पुलिस ने समय रहते बड़ी गैंगवार की साजिश को नाकाम कर दिया। बवाना इलाके में गश्त के दौरान पुलिस ने हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े तीन शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है, जो एक विरोधी गैंग के सदस्य की हत्या की योजना बना रहे थे। पकड़े गए आरोपियों में एक 17 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के झज्जर जिले के गांव ठाकला निवासी अजय, बवाना के पूठ खुर्द निवासी कन्हैया कुमार और एक नाबालिग के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से दो अत्याधुनिक पिस्टल, 27 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों को गैंग के एक सक्रिय सदस्य के निर्देश पर टारगेट किलिंग के लिए भेजा गया था। वे पूठ खुर्द क्षेत्र में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, तभी पुलिस की सतर्क टीम ने उन्हें दबोच लिया।

गश्त के दौरान पकड़े गए संदिग्ध

बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी. स्वामी ने बताया कि क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष गश्त टीम तैनात की गई थी। 5 जून को टीम पूठ खुर्द स्थित बंगाली मार्केट के पास गश्त कर रही थी, तभी एक बाइक पर सवार तीन संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। पीछा कर तीनों को पकड़ लिया गया।

तलाशी के दौरान अजय के पास से एक पिस्टल और 18 कारतूस, कन्हैया के पास से एक पिस्टल और 3 कारतूस तथा नाबालिग के पास से 6 कारतूस बरामद हुए।

गैंग कनेक्शन और साजिश का खुलासा

जांच में सामने आया है कि पूठ खुर्द निवासी नितिन उर्फ विक्की, जो हिमांशु भाऊ गैंग का करीबी बताया जाता है, सोशल मीडिया के जरिए आरोपियों के संपर्क में था। उसी ने अजय को टारगेट किलिंग के लिए तैयार किया और अन्य दोनों से उसकी मुलाकात करवाई।

इसके बाद अजय ने पूठ खुर्द में किराए पर मकान लेकर रेकी शुरू कर दी थी। पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई न होती तो बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सकता था।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गैंग के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।