साल 2025 सिर्फ संघर्ष, सुरक्षा और आपदा का ही नहीं रहा, बल्कि यह महिलाओं की उपलब्धियों का साल भी साबित हुआ। देश की महिलाएं सेना के अभियान, खेल, राजनीति और साहित्य में नए रिकॉर्ड बनाती रहीं और लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गईं।

1. सेना में महिलाओं ने बढ़ाया देश का मान

अप्रैल में पाकिस्तान के आतंकवादियों द्वारा किए गए पहलगाम हमले के बाद भारत की महिला सैन्य अधिकारी अग्रणी भूमिका में आईं। मई में शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने संयुक्त रूप से मीडिया ब्रीफिंग का नेतृत्व किया और भारत की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

कर्नल सोफिया कुरैशी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में सेना का नेतृत्व करने वाली पहली भारतीय महिला अधिकारी हैं और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में भी सेवा की है। वहीं, विंग कमांडर व्योमिका सिंह उन चुनिंदा महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने 21,650 फीट ऊंचे माउंट मणिरंग को फतह किया।

2. भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐतिहासिक विश्व कप जीत

3 नवंबर को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने महिला वनडे विश्व कप जीतकर इतिहास रचा। कप्तान हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधाना के नेतृत्व में टीम ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत को पहली बार महिला विश्व कप दिलाया।

3. मैथिली ठाकुर बनीं बिहार की युवा विधायक

लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर ने भाजपा की टिकट पर अलीनगर विधानसभा सीट जीतकर बिहार में युवा विधायक के रूप में अपनी पहचान बनाई। उनकी जीत ने उन्हें देश के सबसे युवा विधायकों में शुमार कर दिया।

4. बानू मुश्ताक और दीपा भष्ठी को बुकर सम्मान

कन्नड़ लेखिका बानू मुश्ताक को उनकी पुस्तक हार्ट लैंप के लिए बुकर सम्मान मिला। उनकी किताब का अंग्रेजी अनुवाद करने वाली दीपा भष्ठी को भी यह सम्मान दिया गया। बानू लेखिका, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उनके साहित्य ने महिला जीवन की समस्याओं को उजागर किया है। हार्ट लैंप में 1990 से 2023 तक लिखी गई 12 कहानियों का संग्रह है, जो दक्षिण भारत की पितृसत्तात्मक सामाजिक व्यथा को दर्शाती है।

5. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी मध्यम वर्ग को कर राहत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-26 के बजट में मध्यम वर्ग के लिए बड़ी कर राहत की घोषणा की। 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले करदाताओं पर कर शून्य किया गया। जीएसटी में किए गए सुधार से घरेलू व्यापार को बढ़ावा मिला और उपभोक्ताओं को भी राहत मिली। इसके चलते भारत में व्यापार के आंकड़े नई ऊंचाइयों पर पहुंचे।

साल 2025 ने यह साबित कर दिया कि देश की महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं और प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं।