पुणे पुलिस ने पूर्व आईएएस प्रोबेशनर पूजा खेडकर द्वारा लगाए गए एक गंभीर आरोप के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पूजा खेडकर का कहना है कि उनके घर में काम करने के लिए रखी गई घरेलू सहायिका ने उन्हें और उनके माता-पिता को बेहोश कर घर से कीमती सामान चुरा लिया। यह घटना पुणे के बानेर रोड स्थित उनके आवास में होने का दावा किया गया है।
घरेलू सहायिका पर गंभीर आरोप
समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, पूजा खेडकर ने शनिवार देर रात पुलिस से संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि हाल ही में नियुक्त घरेलू सहायिका, जो कथित तौर पर नेपाल की निवासी है, ने खाने या पेय पदार्थ में नशीला तत्व मिला दिया। इसके सेवन के बाद पूजा खेडकर, उनके पिता दिलीप खेडकर और माता मनोरमा खेडकर बेहोश हो गए।
पूजा खेडकर का आरोप है कि तीनों के बेहोश होने के बाद घरेलू सहायिका ने उन्हें बांध दिया और मोबाइल फोन समेत अन्य कीमती सामान लेकर मौके से फरार हो गई। बाद में होश में आने पर पूजा खेडकर ने खुद को मुक्त किया और किसी अन्य फोन की मदद से पुलिस को सूचना दी।
लिखित शिकायत का इंतजार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल यह जानकारी मौखिक शिकायत के आधार पर मिली है और अभी तक कोई औपचारिक लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। साथ ही, चोरी हुए सामान की विस्तृत सूची भी पुलिस को अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके बावजूद प्रारंभिक स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
पहले भी विवादों में रहा है खेडकर परिवार
यह पहली बार नहीं है जब खेडकर परिवार सुर्खियों में आया हो। इससे पहले, पिछले वर्ष नवी मुंबई में रोड रेज की एक घटना के बाद दिलीप और मनोरमा खेडकर पर एक ट्रक चालक के कथित अपहरण का मामला दर्ज किया गया था।
इसके अलावा, पूजा खेडकर पर 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आरक्षण का लाभ लेने के लिए गलत जानकारी देने के आरोप भी लगे थे, जिन्हें उन्होंने सिरे से खारिज किया है।