पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। इस बार विवाद की वजह केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का एक बयान बना, जिसमें वे कोलकाता के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब मोहन बागान का नाम सही ढंग से नहीं बोल पाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके उच्चारण की लड़खड़ाहट कैमरे में कैद हो गई, जिसमें क्लब का नाम ‘बैंगन’ जैसे शब्द से मिलता-जुलता सुनाई दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं।

वीडियो सामने आने के बाद सत्तारूढ़ टीएमसी ने बुधवार को इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और केंद्रीय मंत्री का उपहास किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं का रवैया बंगाल की संस्कृति और पहचान के प्रति असंवेदनशील है। टीएमसी ने कहा कि मंत्री ने न सिर्फ मोहन बागान, बल्कि ईस्ट बंगाल जैसे ऐतिहासिक क्लबों के नामों का भी गलत उच्चारण किया, जो बंगाल के लोगों की भावनाओं से जुड़े हुए हैं।

टीएमसी ने अपने बयान में कहा कि मोहन बागान और ईस्ट बंगाल केवल फुटबॉल क्लब नहीं, बल्कि बंगाल की पहचान और गौरव का प्रतीक हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल को उपेक्षा और तिरस्कार की दृष्टि से देखती है और यहां की भाषा व परंपराओं के प्रति सम्मान नहीं दिखाती। सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में टीएमसी ने कहा कि जो लोग बंगाल को ‘बांग्ला-विरोधी’ नजर से देखते हैं, वे यहां से जुड़े नामों का सही उच्चारण करने का सामान्य शिष्टाचार भी नहीं निभा पाते।

उधर, मनसुख मांडविया ने मंगलवार को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) को लेकर जानकारी देते हुए कहा था कि नया सीजन 14 फरवरी से शुरू होगा। उन्होंने बताया कि लीग में सभी 14 क्लबों की भागीदारी तय हो चुकी है। मंत्री के अनुसार, आईएसएल का उद्देश्य देश में फुटबॉल को मजबूत करना और नए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच उपलब्ध कराना है।