कोटा नगर निगम में पुनर्मतदान के दौरान भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प, एक घायल

HIGHLIGHTS
- बूथ नंबर 99 पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ा।
- पुलिस और मतदान अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले।
- भाजपा विधायक संदीप शर्मा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर रास्ता रोकने का आरोप लगाया।
राजस्थान के कोटा नगर निगम में बुधवार को पुनर्मतदान के दौरान वार्ड नंबर 87 में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, बूथ नंबर 99 पर हुई झड़प में कांग्रेस का एक कार्यकर्ता घायल हुआ है। इस बूथ पर भाजपा की पुष्पा चौधरी और कांग्रेस की लक्ष्मी शर्मा के बीच सीधा मुकाबला है।
मतदान के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। इसके बाद दोनों पक्षों में लात-घूंसे चलने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस और मतदान अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। घटना के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
कोटा दक्षिण से भाजपा विधायक संदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि हार के डर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदान केंद्र के पास रास्ता रोक दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के पक्ष में हो रहे अधिक मतदान को दबाने की कोशिश कर रहे थे। शर्मा के अनुसार, रास्ता रोके जाने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिसके दौरान दोनों पक्षों में झड़प हो गई।
वहीं, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष शालिनी गौतम ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्वक लोगों से मतदान करने की अपील कर रहे थे। इसी दौरान विधायक शर्मा सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे। गौतम ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए लोगों की आवाजाही रोकी और लाठियों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला किया। उन्होंने इसे मतदाताओं को डराने और मतदान रोकने की पूर्व नियोजित साजिश बताया।
गौतम ने दावा किया कि कांग्रेस के एक कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व महिला प्रत्याशी पर लाठी से दो बार हमला किया गया। कांग्रेस के कोटा शहर अध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि पुनर्मतदान होना ही सरकार की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा भाजपा की हताशा का परिणाम है। उनका दावा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के कथित दबाव के सामने डटे रहे और हंगामे के दौरान स्थानीय पत्रकारों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
राजस्थान निकाय चुनाव में 14 सितंबर को मतगणना के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद बूथ नंबर 99 के अलावा वार्ड 44 के बूथ नंबर 448, वार्ड 11 के बूथ नंबर 576 और सुकेत नगरपालिका के वार्ड 4 के बूथ नंबर 5 पर भी पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया गया था।
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