पटना से सोनपुर तक गंगा के ऊपर बनेगा रोपवे, पांच महीने में शुरू होगा निर्माण

HIGHLIGHTS
- परियोजना का निर्माण पीपीपी मॉडल के तहत किया जाएगा।
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार इन्वेस्टर मीट में इसकी जानकारी दी।
- सरकार ने पर्यटन विभाग को अलग-अलग जगहों पर रोपवे विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
पटना। पटना से सोनपुर के बीच गंगा नदी के ऊपर रोपवे बनाने की तैयारी तेज हो गई है। करीब सात किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित रोपवे का निर्माण अगले पांच महीने में शुरू होने की बात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कही है।
यह रोपवे पटना को सोनपुर स्थित प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर से सीधे जोड़ेगा। परियोजना पूरी होने के बाद लोग गंगा के ऊपर से रोपवे के जरिए पटना से सोनपुर तक यात्रा कर सकेंगे।
मरीन ड्राइव से हरिहरनाथ तक जाएगा रोपवे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के ताज होटल में आयोजित बिहार इन्वेस्टर मीट में इस परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
पटना-सोनपुर रोपवे को इसी दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, रोपवे पटना के मरीन ड्राइव क्षेत्र से शुरू होकर सोनपुर के हरिहरनाथ तक जाएगा।
पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण
प्रस्तावित रोपवे का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के तहत किया जाएगा। मुख्यमंत्री इससे पहले श्रावणी मेले के उद्घाटन के दौरान भी पटना और सोनपुर के बीच रोपवे बनाने की घोषणा कर चुके हैं।
करीब सात किलोमीटर लंबे इस रोपवे का मार्ग गंगा के ऊपर से होकर गुजरेगा। इससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ यात्रा का एक अलग अनुभव मिलने की बात कही गई है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
बिहार सरकार पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को अलग-अलग स्थानों पर रोपवे विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
उनका कहना है कि इस तरह की परियोजनाओं से राज्य में पर्यटन को मजबूती मिलेगी। पटना-सोनपुर रोपवे से हरिहरनाथ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
भागलपुर में भी गंगा पर रोपवे की योजना
बिहार के भागलपुर जिले में भी गंगा नदी पर रोपवे बनाने की योजना प्रस्तावित है। यह रोपवे सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम को अगुवानी गंगा घाट से जोड़ने की योजना है।
इसके बनने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गंगा के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंचने का नया माध्यम मिल सकेगा। मुख्यमंत्री पहले ही इस परियोजना की घोषणा कर चुके हैं।
निवेशकों को सुविधाएं देने का भरोसा
बिहार इन्वेस्टर मीट में मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने उद्यमियों से बिहार में निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने निवेशकों को पूरी सुरक्षा देने का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे।
बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध पर जोर
मुख्यमंत्री ने गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में पानी बिहार की ओर आता है।
इस साल गंगा के जलस्तर ने पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं। बाढ़ से बचाव के लिए सरकार गंगा नदी के दोनों किनारों पर तटबंध बनाने की दिशा में काम कर रही है।
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