सीतामढ़ी में NIA इनपुट पर एक्शन, दो संदिग्ध गिरफ्तार; जांच में जुटीं एजेंसियां

HIGHLIGHTS
- सीतामढ़ी में NIA इनपुट के बाद पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया।
- जांच एजेंसियां दोनों के कथित सीमा पार संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
- मोबाइल, सिम कार्ड और सोशल मीडिया चैट समेत कई डिजिटल सबूतों की पड़ताल जारी है।
बिहार के सीतामढ़ी में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से मिले इनपुट के आधार पर की गई। पुलिस का दावा है कि शुरुआती जांच में दोनों के संपर्क सीमा पार बैठे कुछ संदिग्ध लोगों से सामने आए हैं और उनके खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवकों की पहचान गाढ़ा थाना क्षेत्र के पकौर गांव निवासी मोहम्मद इकलाख और मोहम्मद अरमान के रूप में हुई है। गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस ने टकौर गांव में कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लिया।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों घटना के बाद दिल्ली जाने की योजना बना रहे थे।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क का आरोप
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में दोनों आरोपियों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए कुछ संदिग्ध विदेशी संपर्कों से जुड़े होने की जानकारी मिली है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन संपर्कों की भूमिका क्या थी और क्या किसी तरह की आर्थिक मदद या अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा रही थी।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों की गतिविधियां देश में माहौल खराब करने की साजिश से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि, मामले की पूरी तस्वीर विस्तृत जांच और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही साफ होगी।
मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दोनों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद करने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल डिवाइस की जांच में कुछ अंतरराष्ट्रीय नंबर, सोशल मीडिया चैट और अन्य डिजिटल सामग्री मिली है, जिन्हें आगे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
गुजरात से लौटने के बाद गतिविधियों पर नजर
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों युवक पहले गुजरात में एक निजी फैक्ट्री में काम करते थे और 14 जून 2026 को सीतामढ़ी वापस लौटे थे। इसके बाद उनकी गतिविधियों पर एजेंसियों की नजर गई और जांच आगे बढ़ाई गई।
फिलहाल स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के संपर्कों, संभावित नेटवर्क और फंडिंग से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर की जाएगी।
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