अरुणाचल हादसा: 22 मजदूरों को ले जा रहा ट्रक खाई में गिरा; 18 शव बरामद

HIGHLIGHTS
- अरुणाचल प्रदेश के चगलागाम क्षेत्र में भारतीय सेना ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया है।
- बुधवार रात हायुलियांग-चगलागाम सड़क पर किलोमीटर 40 के पास एक ट्रक खाई में गिर गया था।
- हादसे में केवल एक व्यक्ति जीवित बच सका और वह किसी तरह चिप्रा जीआरईएफ कैंप तक पहुंचा।
- उसने बताया कि 8 दिसंबर की रात 22 मजदूरों को लेकर जा रहा ट्रक खाई में गिर गया था।
- दुर्गम इलाके होने के कारण स्थानीय एजेंसियों और नागरिक प्रतिनिधियों तक हादसे की जानकारी नहीं पहुँच पाई।
- अब तक 18 शव बरामद गुवाहाटी में रक्षा मंत्रा…
अरुणाचल प्रदेश के चगलागाम क्षेत्र में भारतीय सेना ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया है। बुधवार रात हायुलियांग-चगलागाम सड़क पर किलोमीटर 40 के पास एक ट्रक खाई में गिर गया था। हादसे में केवल एक व्यक्ति जीवित बच सका और वह किसी तरह चिप्रा जीआरईएफ कैंप तक पहुंचा। उसने बताया कि 8 दिसंबर की रात 22 मजदूरों को लेकर जा रहा ट्रक खाई में गिर गया था।
दुर्गम इलाके होने के कारण स्थानीय एजेंसियों और नागरिक प्रतिनिधियों तक हादसे की जानकारी नहीं पहुँच पाई।
अब तक 18 शव बरामद
गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एमएस रावत ने बताया कि स्पीयर कोर ने सर्च और रेस्क्यू टीम, मेडिकल दल, जीआरईएफ प्रतिनिधि, स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ और एडीसी हायुलियांग को मौके पर भेजा। करीब चार घंटे की कठिन तलाशी और रस्सी के सहारे नीचे उतरने के बाद ट्रक सड़क से लगभग 200 मीटर नीचे घने जंगल में देखा गया। अब तक 18 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से 17 को निकाल लिया गया है।
मृतक सभी तिनसुकिया जिले के एक ही गांव के रहने वाले थे और अरुणाचल प्रदेश में एक हॉस्टल निर्माण परियोजना पर काम कर रहे थे। मृतकों में बुधेस्वर दीप, राहुल कुमार, समीर दीप, जून कुमार, पंकज मांकी, अजय मांकी, विजय कुमार, अभय भूमिज, रोहित मांकी, बीरेन्द्र कुमार, अगर तांती, धीरन चेटिया, रजनी नाग, दीप ग्वाला, रामचाबक सोनार, सोनाटन नाग, संजय कुमार, करण कुमार और जोनास मुंडा शामिल हैं।
खोज और बचाव अभियान जारी
डिप्टी कमिश्नर स्वप्निल पॉल ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद अंजॉ और तेजू के डीसी से संपर्क किया गया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खराब दृश्यता के बावजूद सेना और सिविल प्रशासन सभी बचे हुए लोगों को खोजने और त्वरित सहायता प्रदान करने में जुटे हैं।
इस हादसे ने क्षेत्र में सुरक्षा और निर्माण कार्यों में जोखिम की गंभीरता को सामने रखा है। वहीं, सेना और स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य में पूरी तत्परता दिखा रहे हैं।
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