कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 47 से ज्यादा लोगों की मौत; कई मलबे में दबे

HIGHLIGHTS
- भूकंप का केंद्र 115 किलोमीटर की गहराई में बताया गया।
- राजधानी बोगोटा समेत कई इलाकों में तेज झटके महसूस हुए।
- पड़ोसी देश इक्वाडोर तक भूकंप के झटके पहुंचे।
कोलंबिया: शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के अनुसार, भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 7.4 थी और इसका केंद्र 115 किलोमीटर की गहराई में था। राजधानी बोगोटा समेत कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके झटके पड़ोसी देश इक्वाडोर तक भी महसूस हुए।
भूकंप के बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। ताजा जानकारी के अनुसार, हादसे में कम से कम 47 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, कई अन्य लोगों के इमारतों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। बोगोटा में भी भूकंप के झटके महसूस होने के बाद कई लोगों को अपने घर खाली करने पड़े।
किन शहरों में सबसे ज्यादा मौतें हुईं?
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पेरेइरा शहर में 18 लोगों की मौत हुई है, जबकि मनीजालेस में दो लोगों की जान गई है। पश्चिमी कोलंबिया के कई शहरों में इमारतें गिरने के बाद लोग मलबा हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों ने आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कोलंबिया के तीसरे सबसे बड़े शहर कैली में भूकंप के बाद कई जगह धूल के गुबार दिखाई दिए। 64 वर्षीय टैक्सी चालक जॉर्ज मोंकायो ने बताया कि उन्होंने पहाड़ी इलाके से शहर में इमारतों को गिरते देखा। उन्होंने कहा कि उनका पूरा घर हिल गया और इससे पहले उन्होंने इतना शक्तिशाली भूकंप कभी महसूस नहीं किया था।
कैली के मेयर अलेजांद्रो एदेर के अनुसार, शहर में कम से कम 19 ढही इमारतों में लोग फंसे हुए थे। राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।
मनीजालेस में कैथेड्रल का हिस्सा गिरा
कॉफी उत्पादन वाले पहाड़ी इलाके में स्थित मनीजालेस शहर में नियो-गॉथिक कैथेड्रल के एक टावर का हिस्सा टूटकर मुख्य प्रार्थना कक्ष पर गिर गया। मेयर जॉर्ज एडुआर्डो रोजास ने बताया कि भूकंप के कारण शहर में दो लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने आफ्टरशॉक्स की आशंका के चलते लोगों से बाहर रहने की अपील की। चोको की गवर्नर नुबिया कॉर्डोबा ने सोशल मीडिया पर बताया कि क्षेत्रीय राजधानी क्विब्दो में कई लोग घायल हुए हैं और इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने नुकसान और घायलों की संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
स्थानीय मीडिया में सामने आए वीडियो में पेरेइरा, कैली और क्विब्दो में घरों और छोटी इमारतों को गिरते हुए दिखाया गया।
क्या कोलंबिया में भूकंप आम हैं?
कोलंबिया के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में छोटे भूकंप, जिन्हें स्थानीय स्तर पर ‘टेम्बलोरेस’ कहा जाता है, आम हैं। हालांकि, 6.0 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप अपेक्षाकृत कम आते हैं।
वर्ष 1999 में आर्मेनिया शहर के पास 6.2 तीव्रता के भूकंप में 1,100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
राष्ट्रपति ने क्या कहा?
कोलंबिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति एबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने कहा कि उन्होंने सैन जोस डेल पालमार में भूकंप के बाद सरकार की आपात प्रतिक्रिया की व्यक्तिगत रूप से कमान संभाल ली है।
उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं और सरकार मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई कर रही है।
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स मौजूद हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स अधिक टकराती हैं, उस क्षेत्र को फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है। लगातार टकराव के कारण प्लेटों के किनारे मुड़ते हैं। जब दबाव अधिक बढ़ जाता है तो प्लेटें टूटने लगती हैं।
इसके बाद नीचे मौजूद ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता तलाशती है और पैदा होने वाले डिस्टर्बेंस के कारण भूकंप आता है।
भूकंप के केंद्र और तीव्रता का क्या मतलब है?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहा जाता है, जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल के कारण भूगर्भीय ऊर्जा बाहर निकलती है। इसी स्थान पर भूकंप का कंपन अधिक होता है। इससे दूरी बढ़ने के साथ कंपन का प्रभाव कम होता जाता है।
हालांकि, रिक्टर स्केल पर 7 या उससे अधिक तीव्रता वाला भूकंप होने पर आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में झटके तेज हो सकते हैं। इसका प्रभाव इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की ओर है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर की तरफ है तो कम क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।
भूकंप की तीव्रता कैसे मापी जाती है?
भूकंप की जांच रिक्टर स्केल से की जाती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है।
भूकंप को उसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से निकलने वाली ऊर्जा की तीव्रता को इस पैमाने से मापा जाता है। इसी तीव्रता के आधार पर भूकंप के झटकों की भयावहता का अंदाजा लगाया जाता है।
कितनी तबाही ला सकता है भूकंप?
| रिक्टर स्केल | असर |
|---|---|
| 0 से 1.9 | सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है। |
| 2 से 2.9 | हल्का कंपन। |
| 3 से 3.9 | कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर। |
| 4 से 4.9 | खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं। |
| 5 से 5.9 | फर्नीचर हिल सकता है। |
| 6 से 6.9 | इमारतों की नींव दरक सकती है और ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है। |
| 7 से 7.9 | इमारतें गिर सकती हैं और जमीन के अंदर पाइप फट सकते हैं। |
| 8 से 8.9 | इमारतों के साथ बड़े पुल भी गिर सकते हैं और सुनामी का खतरा हो सकता है। |
| 9 और उससे ज्यादा | पूरी तबाही हो सकती है। मैदान में खड़े व्यक्ति को धरती लहराती हुई दिखाई दे सकती है। समुद्र नजदीक होने पर सुनामी का खतरा रहता है। |
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