'मैं दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी', शेख हसीना के ऐलान पर विपक्ष का जवाब- अभी आ जाइए

HIGHLIGHTS
- शेख हसीना ने पहली वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में वापसी को लेकर बयान दिया
- उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी या खतरे के बावजूद अपने लोगों के बीच लौटना चाहती हैं
- पीएम तारिक रहमान के खेमे ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया दी
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद अपनी पहली वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी, जेल या जान के खतरे के बावजूद वह दिसंबर में बांग्लादेश वापस लौटेंगी।
शेख हसीना ने कहा, "मेरी किस्मत चाहे जो भी हो, मैं अपने लोगों के पास लौटूंगी। जब मेरे प्यारे देशवासी तकलीफ में हैं तो मैं दूर नहीं रह सकती... मैं दिसंबर में वापस जाना चाहती हूं।"
'दिसंबर तक इंतजार क्यों?'
शेख हसीना के इस बयान के अगले ही दिन पीएम तारिक रहमान के खेमे की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई। रहमान के सलाहकार सैयद मोअज्जम हुसैन अलाल ने कहा कि अगर हसीना को बांग्लादेश की व्यवस्था पर भरोसा है तो उन्हें लौटने के लिए दिसंबर तक इंतजार नहीं करना चाहिए।
अलाल ने कहा, "दिसंबर तक क्यों, अभी तो सिर्फ अगस्त है। सितंबर, अक्तूबर, नवंबर... तीन महीने और क्यों देरी। उन्हें अभी आना चाहिए। तब बांग्लादेशी लोग और बांग्लादेशी सिस्टम उनका सामना करेंगे। बांग्लादेशी ज्यूडिशियरी और एडमिनिस्ट्रेशन तय करेगा कि उनका स्वागत होगा या वह जेल जाएंगी।"
मौत की सजा और प्रत्यर्पण की मांग
पिछले दिसंबर में बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने जुलाई-अगस्त 2024 की अशांति के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को मौत की सजा सुनाई थी। वहीं, पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को सरकारी गवाह बनने के बाद 5 साल की सजा दी गई।
फैसले के बाद ढाका ने भारत से दोनों नेताओं को वापस सौंपने की अपील की थी। शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं।
सजीब वाजेद के बयान पर भी विवाद
अलाल ने शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद के बयान की भी आलोचना की। वाजेद ने बुधवार को कहा था कि बांग्लादेश भारत के पूर्वी मोर्चे पर एक और पाकिस्तान बन गया है और विदेशी इंटेलिजेंस की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
अलाल ने इसे आपत्तिजनक और देश विरोधी बताते हुए कहा कि यह बांग्लादेश की अखंडता में हस्तक्षेप है। उन्होंने कहा कि इसकी गंभीरता से निंदा की गई है।
वाजेद ने जुलाई-अगस्त 2024 में हुई मौतों के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों और मुहम्मद यूनुस के अंतरिम प्रशासन के आंकड़ों में अंतर का मुद्दा उठाया था।
'बांग्लादेश अब लोगों के प्रतिनिधियों के अनुसार चलेगा'
अलाल ने कहा कि 5 अगस्त 2024 के बाद बांग्लादेश बदल चुका है। उन्होंने कहा कि अब यह एक लोकतांत्रिक बांग्लादेश है, जो लोगों के प्रतिनिधियों के अनुसार चलेगा।
उन्होंने कहा कि देश स्वतंत्र विदेश नीति अपनाएगा और घरेलू मामलों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अब सभी की नजरें शेख हसीना के अगले कदम पर हैं। उन्होंने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की बात कही है। उनके लौटने के बाद वहां उनके साथ क्या व्यवहार होगा, यह बांग्लादेश की नई राजनीतिक और कानूनी व्यवस्था तय करेगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.