मुजफ्फरनगर के कारोबारी पर 40 करोड़ की कथित टैक्स चोरी का मामला, घर पहुंची कस्टम टीम

HIGHLIGHTS
- भारत-भूटान बॉर्डर पर फेरो सिलिकॉन से लदे दो ट्रक सीज किए गए।
- करीब दो महीने में 215 ट्रकों के भारत पहुंचने का मामला सामने आया।
- पश्चिम बंगाल कस्टम विभाग ने मुजफ्फरनगर में कारोबारी के आवास पर दबिश दी।
मुजफ्फरनगर: भूटान बॉर्डर के रास्ते फेरो सिलिकॉन के आयात में 30 से 40 करोड़ रुपये तक की कथित टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। इस मामले की जांच अब मुजफ्फरनगर तक पहुंच गई है।
बुधवार दोपहर करीब दो बजे पश्चिम बंगाल कस्टम विभाग की टीम कारोबारी राजीव जैन की तलाश में शहर पहुंची। शहर कोतवाली और खालापार थाना पुलिस को साथ लेकर टीम भारत माता मंदिर के पास पार्श्वनाथ कॉलोनी स्थित उनके आवास पर पहुंची। हालांकि, कारोबारी घर पर नहीं मिले। इसके बाद कस्टम विभाग की टीम ने उन्हें कानूनी नोटिस दिया।
दो ट्रक पकड़े जाने के बाद शुरू हुई जांच
दिए गए नोटिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 25 अक्टूबर को भारत-भूटान बॉर्डर पर फेरो सिलिकॉन से भरे दो ट्रकों के पकड़े जाने के बाद हुई। इन ट्रकों के माध्यम से भूटान से भारत में माल लाया जा रहा था। जांच के दौरान कथित अनियमितताएं मिलने पर कस्टम विभाग ने दोनों ट्रकों को सीज कर दिया। इसके बाद शुरू हुई जांच में आयात के बड़े नेटवर्क से जुड़े कई तथ्य सामने आने का दावा किया गया है।
दो महीने में भारत पहुंचे फेरो सिलिकॉन से भरे 215 ट्रक
जांच में सामने आया कि लगभग दो महीने के दौरान फेरो सिलिकॉन से लदे 215 ट्रक भूटान बॉर्डर पार करके भारत पहुंचे। नोटिस में 8 सितंबर, 16 सितंबर, 19 सितंबर, 7 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को ट्रकों के भारत में प्रवेश का उल्लेख किया गया है।
इतनी बड़ी मात्रा में हुए आयात की पड़ताल के दौरान करीब 30 से 40 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी का मामला सामने आने की बात कही गई है।
कारोबारी की फर्म के नाम पर हुआ था आयात
नोटिस में बताया गया है कि फेरो सिलिकॉन का आयात मुजफ्फरनगर निवासी कारोबारी राजीव जैन की फर्म ‘श्री वेंकटेश्वर इंटरप्राइजेज’ के नाम पर किया गया था। इसी मामले की जांच के सिलसिले में पश्चिम बंगाल कस्टम विभाग की टीम कारोबारी की तलाश में मुजफ्फरनगर पहुंची।
स्थानीय पुलिस के साथ टीम ने कारोबारी के आवास पर दबिश दी, लेकिन वह वहां नहीं मिले। इसके बाद उन्हें कानूनी नोटिस सौंपा गया।
औद्योगिक इकाइयों में होता है फेरो सिलिकॉन का इस्तेमाल
फेरो सिलिकॉन का उपयोग औद्योगिक इकाइयों में लोहे और इस्पात के गुणों में सुधार के लिए किया जाता है। फिलहाल कस्टम विभाग फेरो सिलिकॉन के आयात और कथित टैक्स चोरी से जुड़े पूरे मामले की जांच कर रहा है।
इस मामले में कारोबारी की भूमिका और उन पर लगे आरोपों को लेकर उनका पक्ष सामने नहीं आया है। पश्चिम बंगाल से आई कस्टम विभाग की टीम की कार्रवाई के बाद जिले के कारोबारियों के बीच हलचल बनी हुई है।
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